फोटो 24- चंडीगढ़ में आयोजित समारोह में राज्यस्तरीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त करते सोनीपत क
सोनीपत। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में जीवीएम कन्या महाविद्यालय ने अपनी पहचान बनाते हुए राज्यस्तरीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त किया। चंडीगढ़ में आयोजित समारोह में संस्था के प्रधान डाॅ. ओपी परूथी व प्राचार्य डाॅ. मंजुला स्पाह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया।
प्राचार्य ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए सौर ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाने होंगे। इसके लिए सरकार विशेष रूप से प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने बताया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग व हरियाणा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) के संयोजन में ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में राज्यस्तरीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
शिक्षण क्षेत्र के तहत जीवीएम कन्या महाविद्यालय ने यह पुरस्कार प्राप्त किया है। पहले भी जीवीएम इस क्षेत्र में पुरस्कार हासिल कर चुका है। उन्होंने बताया कि राजकीय व निजी विद्यालय, महाविद्यालय व विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 500 किलोवाट से कम, 30 किलोवाट से अधिक सौर ऊर्जा की खपत के लिए जीवीएम कन्या महाविद्यालय को प्रथम पुरस्कार से सुशोभित किया गया।
डाॅ. ओपी परूथी ने बताया कि सौर ऊर्जा अपनाकर हम विद्युत की खपत कम कर सकते हैं। बिजली का बेहतरीन विकल्प सौर ऊर्जा है, जिसका अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए। जीवीएम संस्थान इस दिशा में लगातार प्रयासरत रहा है। सरकार ने भी इसके उत्साहजनक योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ जरूर उठाना चाहिए। इस पुरस्कार ने नए उत्साह का संचार किया है। ऊर्जा संरक्षण की दिशा में और बेहतरीन प्रयास किए जाएंगे। ऊर्जा संरक्षण समय की मांग है, जिसे गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। ऊर्जा संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा को अपनाकर हमें अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए।