संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के राजकीय विद्यालयों में खर्च किए जा रहे बजट की पारदर्शिता परखने के लिए चलाया गया दो दिवसीय सोशल ऑडिट वीरवार को संपन्न हो गया। इस दौरान पानीपत से आई विशेष टीम ने जिले के सभी सात ब्लॉकों के करीब 70 राजकीय विद्यालयों के आय-व्यय, अभिलेखों और विभिन्न मदों में किए गए खर्च का गहन परीक्षण किया।
जांच के दूसरे दिन मॉडल टाउन स्थित समग्र शिक्षा विभाग के कार्यालय में सोनीपत, राई और गन्नौर ब्लॉक के चयनित विद्यालयों का ऑडिट किया गया। ऑडिट के दौरान विद्यालयों के प्राचार्य और लेखा संबंधी अधिकारी फाइलों के साथ पूरे दिन कार्यालय में मौजूद रहे।
टीम ने विद्यालयों को जारी अनुदान राशि, विभिन्न विकास कार्यों पर हुए खर्च, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बिलों का बारीकी से मिलान किया। पहले दिन खरखौदा, गोहाना, कथूरा और मुंडलाना ब्लॉक के चयनित विद्यालयों की वित्तीय जांच की गई थी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सोशल ऑडिट का उद्देश्य विद्यालयों में मिलने वाली सरकारी अनुदान राशि के उपयोग में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना है।
विद्यालयों में भवनों की मरम्मत, कक्षा-कक्षों के निर्माण, शौचालयों के रखरखाव, स्वच्छता, हरित परिसर, पुस्तकें, वर्दी तथा विद्यार्थियों की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये की राशि जारी की जाती है। विभाग अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यह राशि निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप ही खर्च हो।
जुलाई 2025 में जिले के दो राजकीय विद्यालयों में करीब 1.34 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने वित्तीय निगरानी और सख्त कर दी है।
इसके बाद बजट संबंधी कार्यों की नियमित समीक्षा, विद्यालयों के निरीक्षण और वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही बजट संबंधी पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
वर्जन
निदेशालय के निर्देशानुसार दो दिनों में जिले के सभी सात ब्लॉकों के चयनित करीब 70 राजकीय विद्यालयों का सोशल ऑडिट पूरा कर लिया गया है। अब ऑडिट रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी, जहां उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। -कृष्णा खत्री, जिला परियोजना संयोजक