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एआई शिक्षण शोध और नवाचार को देगा नई गति : प्रो. केसी

Thu, 30 Jul 2026 08:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो : सोनीपत के डीसीआरयूएसटी, मुरथल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला के दौरान मंचासीन हरियाणा
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संवाद न्यूज एजंसी
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सोनीपत। हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रो. केसी शर्मा ने कहा कि एआई वर्तमान समय में शिक्षा, अनुसंधान, प्रशासन और तकनीकी नवाचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। बदलते वैश्विक परिवेश में शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों के लिए नई तकनीकों को अपनाना अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है।
उन्होंने कहा कि एआई का प्रभावी उपयोग शिक्षण एवं शोध कार्यों को नई दिशा देगा और विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक सक्षम बनाएगा। उच्च शिक्षा को डिजिटल युग की नई चुनौतियों और संभावनाओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में वीरवार को गूगल जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद, नैसकॉम और फ्यूचर स्किल्स प्राइम के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। उन्होंने एआई आधारित आधुनिक शिक्षण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रो. केसी शर्मा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल प्रतिभागियों को एआई के सैद्धांतिक पक्ष से परिचित कराना नहीं, बल्कि उन्हें इसके व्यावहारिक उपयोगों का प्रशिक्षण देना भी है, ताकि शिक्षक अपने दैनिक शिक्षण कार्यों में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
प्रतिभागियों को एआई की मूल अवधारणाओं, इसकी कार्यप्रणाली और विभिन्न डिजिटल टूल्स की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनने जा रही है। ऐसे में शिक्षकों को भी स्वयं को तकनीकी रूप से लगातार अपडेट रखना होगा।
भविष्य में एआई के उन्नत आयामों, नवीनतम तकनीकों और व्यावहारिक उपयोगों पर और व्यापक कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में अर्जित ज्ञान और अनुभव को अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अन्य संकाय सदस्यों के साथ साझा करें।
उपाध्यक्ष प्रो. एसके गखड़ ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का प्रभावी उपयोग ही भविष्य की शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, नवाचारोन्मुख व वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने का आधार बनेगा।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई की मूल अवधारणाओं, गूगल स्किल लर्निंग पाथ, एजेंट प्लेटफॉर्म लैब में प्रॉम्प्ट डिजाइन, एडवांस्ड प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, शिक्षण एवं अनुसंधान में एआई आधारित उत्पादकता उपकरणोंऔर मूल्यांकन प्रक्रिया में एआई के प्रभावी उपयोग पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
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इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रो. आरएस राठौर, संयुक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर अपूर्व पांडेय, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार, शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. एमएन मिश्रा, प्रो. एके सिंह उपस्थित रहे।
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