सोनीपत। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दे पर विशेष पहल की गई है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों से यौन शोषण और उत्पीड़न से संबंधित घटनाओं का ब्योरा मांगा है, ताकि घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
हाल के दिनों में स्कूलों में शोषण के कई मामले सामने आए। इससे स्कूलों में छात्र-छात्राओं की मानसिक स्थिति भी प्रभावित होती है। अब स्कूलों को अपने यहां हुई घटनाओं की पूरी जानकारी देनी होगी। इसमें पिछले वर्षों में हुईं घटनाएं, उन पर की गई कार्रवाई और पीड़ित विद्यार्थी को दिए गए सहयोग का विवरण शामिल होगा।
हर विद्यालय में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) और पॉक्सो एक्ट कमेटी का गठन किया गया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिला स्तर से रिपोर्ट मुख्यालय की ओर से भेजे गए प्रारूप में तैयार करके 27 अगस्त तक भेजनी होगी।
किसी भी विद्यालय की ओर से सीधे मुख्यालय भेजी गई रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। इसका उद्देश्य न केवल घटनाओं की जानकारी जुटाना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना भी है।
सरकार ने भी शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों के शारीरिक व मानसिक शोषण एवं यौन उत्पीड़न संबंधी घटनाओं को रोकने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। इनमें स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम के साथ ही ड्राइवर व हेल्पर के सत्यापन की अनिवार्यता शामिल है।
वर्जन
निदेशालय की ओर से दिए गए प्रारूप पर प्रत्येक विद्यालय से घटनाओं के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। स्कूल में अगर घटना नहीं हुई है तो भी रिपोर्ट देनी है।-नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी सोनीपत।