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जिले में रेल कोच फैक्टरी की फिर जगी उम्मीद

Mon, 03 Oct 2016 01:12 AM IST
विजेंद्र कौशिक/ अमर उजाला, सोनीपत
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जिले में रेल कोच फैक्टरी लगने की फिर से उम्मीद जगी है। रेलवे ने जिला प्रशासन से शर्त रखकर फैक्टरी के लिए लोकेशन मांगी है। इस पर कदम उठाते हुए प्रशासन ने जिले की 12 जगह की लोकेशन पर मंथन किया। इनमें चार लोकेशन सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन स्थित गांव माहरा, सिरसाढ़, ठरू-उल्देपुर व शहजादपुर और बड़ी गांव की पंचायती जमीन को शामिल कर रेलवे के पास भेजी गई हैं। इन चार में से एक जगह को रेलवे मंत्रालय फाइनल करेगा। उम्मीद है आगामी फरवरी माह में पेश होने वाले बजट में फैक्टरी के लिए जगह की घोषणा हो सकती है।
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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में लाठ, जौली, कटवाल, बीधल और भैंसवाल की करीब 6600 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई थी। पहले फेज के तहत चार गांव की तीन हजार एकड़ से ज्यादा भूमि पर सरकार ने आठ दिसंबर को सेक्शन-9 लगाने की घोषणा की थी। यहां आईएमटी के साथ-साथ रेल कोच फैक्टरी तक लगाने की प्लानिंग थी। यूपीए सरकार में रेल बजट के दौरान पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल ने उक्त भूमि पर रेल कोच फैक्टरी लगाने की घोषणा की। हालांकि, बाद में केंद्र में आई भाजपा सरकार ने रेल कोच फैक्टरी रिकॉर्ड में नहीं होने की बात कही। वहीं, सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए दिसंबर 2013 में सेक्शन छह लगाने की घोषणा की। सरकार ने किसानों द्वारा न्यायालय में किए जाने वाले मुकदमों पर शिकंजा कसने के लिए शपथ पत्र की शर्त लगाते हुए आठ दिसंबर को सेक्शन-9 लगाने की घोषणा की। इसके बाद जमीन के मालिक किसानों से इस आशय के शपथपत्र भी ले लिए गए कि सरकार जमीन की जो भी कीमत देगी, किसानों को मंजूर होगी तथा वे अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाएंगे। बाद में मामला तूल पकड़ गया और सरकार ने अधिग्रहण को ही रद्द कर दिया।

नए सिरे से मांगी लोकेशन, लाठी-जोली शामिल नहीं 
रेलवे की ओर से अब जिला प्रशासन को एक पत्र भेजा गया है। पत्र में साफ किया गया है कि रेलकोच फैक्टरी के लिए 80 से 100 एकड़ तक की एक साथ पंचायती जमीन होनी चाहिए, जो रेलवे लाइन के साथ लगती हो। नजदीक सड़क मार्ग भी होना चाहिए। इसको लेकर डीसी केएम पांडुरंग, एसडीएम निशांत यादव, तहसीलदार हितेंद्र शर्मा व दूसरे अधिकारियों की मीटिंग हुई। जिसमें दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन किनारे बड़ी, सांदल कलां, सांदल खुई व कामी, वहीं सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन पर माहरा, माहरा, ठरू-उल्देपुर व शहजादपुर व सिरसाढ़ की पंचायती जमीन पर विचार किया गया।
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रेलवे की ओर से रेल कोच फैक्टरी के लिए लोकेशन की सूची मांगी गई थी। पिछले सप्ताह मीटिंग के बाद जिला प्रशासन की ओर से सूची भेज दी गई। उम्मीद है रेलवे बजट तक रेल मंत्रालय एक जगह फाइनल करेगा। इसके बाद जिले में रेल कोच फैक्टरी लगने का 
रास्ता साफ हो जाएगा।
-निशांत यादव, एसडीएम 

भाजपा कहती नहीं, करके दिखाती है : जैन 
कांग्रेस की तरह भाजपा खाली घोषणा कर वोट बटोरने का काम नहीं करती, बल्कि धरातल पर काम करके दिखाती है। रेल कोच फैक्टरी लगने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार गंभीर प्रयास कर रही है। रेलवे मंत्रालय को माहरा, सिरसाढ़, ठरू-उल्देपुर व शहजादपुर और बड़ी गांव की पंचायती जमीन में रेल कोच फैक्टरी लगाने के लिए सूूची भेजी गई है। विवाद के कारण लाठी-जोली व दूसरी जमीन की सूची नहीं दी गई। कांग्रेस ने तो अपने कार्यकाल में केवल घोषणा की थी। रिकार्ड में कुछ नहीं मिला। 
राजीव जैन, प्रदेश मीडिया प्रमुख भाजपा

अभी तक क्या कर रही थी भाजपा : हुड्डा
भाजपा तीन साल से क्या कर रही है। कांग्रेस राज में शुरू की गई योजनाओं तक पूरा नहीं करवा पा रहे। लाठी-जोली में आईएमटी के लिए जो जमीन अधिग्रहीत की गई थी, उसी में से एक हजार एकड़ जमीन रेल कोच फैक्टरी के लिए दी जानी थी। रेल मंत्रालय के रिकार्ड में भी रेल कोच फैक्टरी सोनीपत में लगाने की बात शामिल हो गई थी। हालांकि, प्रदेश सरकार रेलवे को फैक्टरी के लिए जमीन हैंडओवर नहीं कर सकी थी।
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-दीपेंद्र हुुड्डा, कांग्रेस सांसद रोहतक
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