सोनीपत। सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) की पहली बैठक में क्षेत्र के लोगों के लिए सौगातों का पिटारा खोला गया है। एमएमडीए में जल्द ग्रुप सी व ग्रुप डी पदाें पर नियुक्ति करने के लिए मंजूरी दी गई साथ ही क्षेत्र में पानी आपूर्ति के लिए तीन बूस्टिंग स्टेशनों के निर्माण व पानी निकासी के लिए 30 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के निर्माण की मंजूरी दी गई साथ ही सेक्टर-7 में एसएमडीए कार्यालय के भवन निर्माण की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सड़क निर्माण व अन्य कार्यों के लिए बैठक में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 363 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दी गई है।
चंडीगढ़ में बुधवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 363 करोड़ रुपये का यह बजट सोनीपत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में विभिन्न बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के लिए निधि प्रदान करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है, और शहरी पर्यावरण के सतत प्रबंधन और सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एसएमडीए को अतिरिक्त संसाधन आवंटित किए जाएंगे। बैठक में सबसे पहले एसएमडीए के लिए स्टाफ की नियुक्ति, रूल व रेगुलेशन (नियम और विनियमन) के लिए ड्राफ्ट को मंजूर किया गया।
बैठक में सेक्टर 59/64, 59/60, 62/63, 60/64, और 59/60 को जोड़ने वाली 3700 मीटर लंबी मास्टर सड़कों के फोरलेन निर्माण को लेकर 22.81 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। निर्माण पूरा होने से इन सेक्टरों में सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इससे सेक्टर के निवासियों को आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, सेक्टर 58 से 64 के बचे हुए क्षेत्र में मास्टर सीवरलाइन की गायब कड़ियों को जोड़ा जाएगा। इनकी लंबाई लगभग 3790 मीटर है। इस कार्य पर 8.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मास्टर सड़कों को 2210 लंबाई के फोरलेन निर्माण 16.10 करोड़ रुपये की लागत से भी मंजूर किया गया।
पेयजल व्यवस्था होगी मजबूत
स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राधिकरण ने राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में एक इंटरमीडिएट बूस्टिंग स्टेशन, गांव लिवान और राई में दो बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की मंजूरी दी गई साथ ही 11,555 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने की स्वीकृति प्रदान की। इस कार्य के लिए 10.19 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
पानी निकासी होगी बेहतर
राठधाना व आसपास क्षेत्र की जनसंख्या में वृद्धि को देखते हुए 90 करोड़ रुपये की लागत से 30 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण को मंजूरी दी गई। कुंडली में 54.69 करोड़ रुपये की लागत से 7.50 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाने का भी निर्णय लिया गया। वर्तमान में कुंडली में अनुपचारित घरेलू जल के उपचार के लिए कोई सीवरेज नेटवर्क और एसटीपी नहीं है।
जीएमडीए की तर्ज पर आईसीसीसी की स्थापना
बैठक में अन्य विभिन्न परियोजनाओं और कार्यों को भी मंजूरी दी गई। इनमें जीएमडीए की तर्ज पर इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की स्थापना, सेक्टर-4 में खेल स्टेडियम का विकास, एनएच-44 पर ताऊ देवी लाल पार्क और लेजर वैली पार्क के सुंदरीकरण, सेक्टर 7-29, 6-29 और 5-29 के विभाजक मार्ग को 6/8 लेनिंग, दीवान फार्म जंक्शन का पुन: डिजाइन, सेक्टर 26-26ए, 33, 34, 35 और 36 के लिए मास्टर सीवर और स्टॉर्म वाटर सेवाएं, गीता भवन फ्लाईओवर के नीचे आरयूबी का निर्माण, मौजूदा फ्लाईओवर को डी-कंजेस्ट करने के लिए, बेहतर गतिशीलता प्रबंधन के लिए प्रमुख जंक्शन सुधार और सोनीपत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए व्यापक गतिशीलता योजना की तैयारी शामिल है। एसएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) केएम पांडुरंग ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि इन परियोजनाओं को सोनीपत महानगर क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए लागू किया जाएगा।