सोनीपत। बढ़ते प्रदूषण का असर वातावरण में दिखाई दे रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप-3 लागू किया गया। उसके बावजूद ग्रैप-2 की पाबंदी तक पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। कूड़ा जलाने को लेकर लगाई गई पाबंदी के बावजूद अब भी इसे रोका नहीं जा सका है। वहीं ग्रैप-3 में निर्माण कार्यों पर रोक व सामग्री को ढक कर रखने के आदेश के बावजूद अभी भी जगह-जगह रेत व रोडी-डस्ट तक खुले में पड़ा है।
दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से पार हुआ तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीक्यूएम) की उप समिति ने ग्रैप-3 के नियम लागू कर दिए थे। उसके बावजूद भी रात को कूड़ा जलता नजर आया। बहालगढ़ चौक पर कूड़े में आग लगाई गई थी। बढ़ते प्रदूषण के चलते वातावरण में कोहरे के साथ स्मॉग छा रहा है। जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और आंखों में जलन होने लगती है। जिसके बाद प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए ग्रैप-3 को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। डीजल की बीएस-3 और पेट्रोल की बीएस-4 गाडिय़ों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
ग्रैप-3 में निर्माण कार्यों पर रोक लगाई है। इसमें निर्माण सामग्री तक को ढकने के आदेश दिए हैं। उसके बावजूद शहर में जगह-जगह सामग्री खुली पड़ी है। बेशक नगर निगम ने पांच लोगों के चालान किए, उसके बावजूद भी कई जगह ऐसी है जहां अभी भी निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है।
वर्जन
कूड़ा जलाने से रोक के साथ ही निर्माण सामग्री को ढक कर रखने के आदेश दिए हैं। अगर कहीं कूड़ा जलता मिला या निर्माण सामग्री खुले में रखी मिली तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीम बनाकर जांच कराई जा रही है।
-प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत