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डेढ़ साल से आरोपी सिपाही महेश के परिवार का खर्च उठा रहा था गैंगस्टर रामकरण

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सोनीपत। कोर्ट परिसर में कैदी बस के अंदर बदमाश अजय उर्फ बिट्टू पर जानलेवा हमला और उसके पिता की हत्या कराने के आरोपी गैंगस्टर रामकरण ने पूछताछ में बताया कि वह सिपाही महेश का डेढ़ साल से खर्च उठा रहा था। इसमें से अधिकतर खर्च महेश की पत्नी की बीमारी पर हो रहा था। वहीं बदमाश अजय के पिता की हत्या कराने के पीछे बेटे की मदद करना बताया जा रहा है।
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गैंगस्टर रामकरण ने पुलिस को बताया कि वह सिपाही महेश की पत्नी बीमार है, उसका इलाज कराने के लिए वह उससे खर्च लेता था। बदमाश अजय उर्फ बिट्टू पर हमले से पहले भी उसने महेश को 50 हजार रुपये दिए थे। साथ ही हत्या के बाद आर्थिक मदद के साथ जमीन देने का वायदा किया था।
रामकरण का कहना है कि बदमाश अजय का पिता डीटीसी से सेवानिवृत्त होने के बाद बेटे की मदद करने लगा था। अजय के घर तक पहुंच रखने वाले आरोपी सिपाही महेश के सामने कृष्णचंद ने एक मौके पर दिल की बात बताई थी। दोनों गैंगस्टर के बीच मुखबरी का खेल खेल रहे महेश ने इसकी रिकॉर्डिंग रामकरण को सुना कर उसका विश्वास जीत लिया था। इसके बाद वह उसे खतरा मानने लगा। साथ ही रामकरण के रिश्तेदार सत्यवान की रोहतक में हुई हत्या का बदला भी लेना चाहते थे। इसके चलते ही वारदात को अंजाम दिया गया। रामकरण खुद सिपाही महेश को कोर्ट परिसर के बाहर हनुमान मंदिर के निकट पिस्तौल देकर गया था।
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किसी पर भरोसा नहीं करता था गैंगस्टर
गैंगस्टर रामकरण अन्य पर ज्यादा भरोसा नहीं करता था। गिरफ्तारी के समय भी रामकरण को पुलिस ने अकेले ही गिरफ्तार किया है। कोई गुर्गा उसके साथ नहीं था। किसी अन्य पर यकीन न करने की आदत के कारण रामकरण ने महेश की भी निगरानी शुरू करा दी थी, जिसके लिए रामकरण ने अपने गुर्गे रोहतक के रहने वाले अमित को उसके पीछे लगा रखा था। वहीं, महेश की ओर से बताई गई बातों की तस्दीक भी रामकरण करवाता था। जब महेश ने अजय पर हमला किया तो उस समय अमित आसपास ही मौजूद बताया जा रहा है।
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