गंगाना में शोक जताने के लिए पहुंचे पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा।
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर किसानों की मांगों को जल्द मानना चाहिए। तीनों कृषि कानून रद्द कर उन्हें एमएसपी की गारंटी देनी चाहिए। बेनतीजा वार्ता के बाद एक और तारीख देकर सरकार हठधर्मिता दिखा रही है। अन्नदाता की बात मानना सरकार की जिम्मेदारी है। हमने भी सरकार में रहते हुए किसान हित को हमेशा प्राथमिकता दी। कांग्रेस सरकार में प्रदेश में कोई किसान आंदोलन नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा शुक्रवार को गांव गंगाना में कुलबीर देशवाल व गांव मदीना में पहलवान मेहर सिंह के घर शोक जताने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने एलान किया कि भाजपा सरकार अगर किसानों की मांग नहीं मानती है तो कांग्रेस सरकार बनने पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाएगा।
प्रदेश में हर तीसरा व्यक्ति बेरोजगार
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा जारी की गई दिसंबर की रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा एक बार फिर बेरोजगारी में टॉप पर रहा है। इस बार बेरोजगारी दर 32.5 प्रतिशत आंकी गई है। हरियाणा में हर तीसरा आदमी बेरोजगार है। हरियाणा की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी चार गुना ज्यादा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकार रोजगार देने की बजाय छीनने में लगी है। उन्होंने हटाए गए पीटीआई, ड्राइंग टीचर्स और ग्रुप डी कर्मचारियों को फिर से नौकरी पर रखने की मांग की। इस दौरान विधायक जगबीर मलिक, सुभाष देशवाल, इंदुराज नरवाल, सुरेंद्र दहिया, कपूर नरवाल, कर्नल रोहित चौधरी, रवि इंदौरा, कुलदीप गंगाना, अनूप मलिक, जितेंद्र जांगड़ा, मनोज रिढ़ाऊ आदि मौजूद रहे।