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Sonipat News: आरएंडआर पॉकेट में 13 साल बाद भी प्लाट का इंतजार, किसानों ने दिया धरना

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फोटो: : सोनीपत के आईएमटी खरखौदा में एसएसआईआईडीसी के स्थानीय कार्यालय में धरना देते किसान। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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खरखौदा। इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) खरखौदा के लिए जमीन देने वाले किसानों को अब तक रिसेटलमेंट एंड रिहेबिलिटेशन (आरएंडआर) पॉकेट में प्लॉट पर कब्जा नहीं मिलने से रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें मुआवजे के साथ रिहायशी और व्यावसायिक प्लॉट लेने का विकल्प दिया गया था।
इसके तहत किसानों ने वर्ष 2013, 19 और 25 में प्लॉट के लिए आवेदन किए थे, लेकिन करीब 13 वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें प्लॉट नहीं मिल पाए हैं। सोमवार को रामपुर-कुंडल के शिव मंदिर में पूर्व सरपंच महावीर की अगुवाई में 10 गांव के किसानों ने बैठक की। उसके बाद सैदपुर चौक स्थित कार्यालय पर पहुंचकर धरना दिया।
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किसानों के अनुसार आईएमटी के लिए करीब दस गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। आरएंडआर योजना के तहत आईएमटी में करीब सात एकड़ में पॉकेट भी रखा गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने प्लॉट आवंटन और पोजिशन के लिए स्थानीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
किसानों का कहना है कि उन्हें वर्षों से अपने हक के प्लॉट नहीं मिल रहे, वहीं दूसरी तरफ आईएमटी क्षेत्र में एचएसआईआईडीसी की ओर से लगातार प्लॉटों की बोली की जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ रही है। उनका कहना है कि यदि आरएंडआर पॉकेट के प्लॉट भी इसी तरह बेचे जाते रहे तो उनके लिए कुछ नहीं बचेगा। किसानों ने मांग की कि पहले जमीन देने वाले किसानों को उनके हक के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं।
बैठक के बाद कार्यालय पर दिया धरना
रामपुर-कुंडल में किसानों की बैठक हुई। बैठक में प्लॉट आवंटन में हो रही देरी और आरएंडआर पॉकेट की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। किसानों ने बैठक के बाद आगामी कार्रवाई पर निर्णय लेते हुए सैदपुर चौक स्थित एचएसआईआईडीसी के स्थानीय कार्यालय पर पहुंचकर करीब दो घंटे तक धरना दिया। किसानों ने कहा कि वे लंबे समय से अपने प्लॉटों की पोजेशन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। विकास परियोजना के लिए किसानों ने अपनी जमीन दी थी, ऐसे में उन्हें अब उनके हिस्से के प्लॉट उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी कि मांग का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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ज्ञापन देकर लौट गए किसान
धरना की सूचना पाकर तहसीलदार बिजेंद्र नांदल मौके पर पहुंचे, जिन्होंने किसानों को कहा कि तहसील की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। संपदा प्रबंधक के मीटिंग में चंडीगढ़ होने पर उनसे बात हुई है, आगामी मार्च तक सभी कागजी कार्रवाई निपटाकर पात्र किसानों के प्लॉट देने का काम किया जाएगा। ऐसे में किसान ज्ञापन सौंपकर वापस लौट गए, जोकि एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के चंडीगढ़ बैठक से लौटने पर लिखित में कार्रवाई करने का ब्योरा लेंगे।

फोटो: : सोनीपत के आईएमटी खरखौदा में एसएसआईआईडीसी के स्थानीय कार्यालय में धरना देते किसान। संवाद

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