सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र ने 12वीं कक्षा की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपी चार किशोरों को दोषी करार देते हुए चिल्ड्रन इन कॉन्फ्लिक्ट विद लॉ (सीसीएल) के तहत 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। उन पर 56-56 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। प्रत्येक की जुर्माना राशि से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
खरखौदा थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 2 अप्रैल, 2023 को पुलिस को बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। उनकी बेटी को 31 मार्च, 2023 को गांव का ही रहने वाला लड़का किताब दिलाने के बहाने खरखौदा में अपने दोस्त के घर लेकर गया और उसके साथ जबरन गलत काम किया था। इतना ही नहीं उसके दोस्तों ने भी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। फिर आरोपियों ने अपने एक अन्य दोस्त को बुला लिया था। उसने भी बेटी के साथ गलत काम किया था। उन्होंने बेटी के एक सहपाठी को भी बुला लिया था। वह अपने साथी के साथ आया था। सहपाठी ने बेटी के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया था। बाद में आरोपियों ने बेटी को धमकी दी थी कि इसका वीडियो बना लिया है, अगर किसी को बताया तो उसे वायरल कर देंगे। आरोपियों ने उनकी बेटी पर दबाव बनाकर 40 हजार रुपये भी मांगे। साथ ही कहा था कि किसी को बताने पर परिवार को जान से मार देंगे।
घटना के बाद से बेटी घबराई हुई थी। उस दिन उसने किसी को कुछ नहीं बताया था। एक दिन बाद बेटी ने मामले से उन्हें अवगत करवाया था। जिस पर 2 अप्रैल, 2023 को पुलिस को शिकायत दी गई थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर सभी नाबालिग लड़कों को अभिरक्षा में ले लिया था। हालांकि अदालत ने उन्हें बालिग की तरह मानकर मामले की सुनवाई की। मामले में पांचवें आरोपी की सजा पर जल्द फैसला होगा। उसकी आयु को लेकर फिर से प्रमाणपत्र मांगा गया है।
अब मामले की सुनवाई के बाद एएसजे नरेंद्र ने चारों को सीसीएल के तहत दोषी मानते हुए उन्हें अलग-अलग धाराओं में 20-20 साल कैद और 56-56 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि से 40-40 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश किए गए हैं।