खरखौदा। धर्मार्थ गोशाला के प्रधान पद को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को हुई बैठक में पूर्व सरपंच कृष्ण दहिया को प्रधान चुने जाने की घोषणा की गई। सेवानिवृत्त एक्सईएन धर्मवीर दहिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न गांवों से दो-दो प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधियों की सहमति के बाद कृष्ण दहिया के नाम पर फैसला लिया गया।
हालांकि रजिस्ट्रार की ओर से नियुक्त प्रशासक एवं पूर्व एक्सईएन रघुवीर सिंह दहिया बीमारी के चलते बैठक में मौजूद नहीं रहे नवनियुक्त प्रधान कृष्ण दहिया ने कहा कि बैठक में सभी प्रतिनिधियों की सहमति से निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि गोशाला किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चल सकती।
करीब 60 गांवों से जुड़े गोसेवकों और ग्रामीणों के सहयोग से ही इसका संचालन संभव है। उन्होंने लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर गोशाला के हित में एकजुट होकर काम करने की अपील की। साथ ही युवाओं से गोशाला की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
बैठक में पंडित रामेहर, रामेश्वर, अजय, आजाद, महेंद्र, सुधीर, हवा सिंह, विजय, विनोद, कविंद्र, राजकुमार, चांद पहलवान, भूपेंद्र ठेकेदार, जितेंद्र काला, रामबीर और लक्ष्मी मौजूद रहे।
रजिस्ट्रार की चुनाव प्रक्रिया पर भी नजर
उधर गढ़ी सिसाना निवासी रामकुमार ने कहा कि रविवार की बैठक में प्रधान चुने जाने के घटनाक्रम पर वह चर्चा कर आगामी फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि वह खुद को पंचायत की ओर से निर्वाचित प्रधान बताते हैं और जिला फर्म एवं सोसाइटी पंजीकरण अधिकारी तथा रजिस्ट्रार की ओर से नियुक्त प्रशासक की देखरेख में चल रही चुनाव प्रक्रिया का पालन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार के नियमों के तहत चल रही प्रक्रिया पर भी उनकी नजर है और रविवार की बैठक में हुए निर्णय पर चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई तय करेंगे।