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Sonipat News: मांझी होम की जमीन पर एनओसी जारी करने पर पूर्व मंत्री ने जताई आपत्ति

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। पूर्व गृह मंत्री सुभाष बतरा ने खेड़ी साध स्थित मांझी होम की जमीन को लेकर उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने एलओआई (आशय पत्र) के आधार पर एनओसी या अन्य प्रमाणपत्र जारी करने पर कड़ी आपत्ति जताई। बतरा ने कहा कि जमीन पर 90 साल का पंजीकृत पट्टा और तीन न्यायिक मामले लंबित हैं।
प्रशासन का कोई भी निर्णय जनहित और कानून दोनों के खिलाफ होगा। बतरा ने बताया कि 18 दिसंबर 1985 को खेड़ी साध गांव की 47 कनाल 14 मरला भूमि एक औद्योगिक कंपनी को 90 साल के लिए लीज पर दी गई थी। इस जमीन को लेकर तीन मामले अभी विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं।
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न्यायिक विवाद और पट्टे के अधिकार मौजूद होने पर जमीन को विवादमुक्त मानकर प्रमाण-पत्र जारी करना उचित नहीं है। ऐसा कदम संबंधित पक्षों के वैध अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। इससे भविष्य में नए कानूनी विवाद खड़े हो सकते हैं।
बतरा ने मांग की कि उनका ज्ञापन औपचारिक आपत्ति के रूप में रिकॉर्ड पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों और पट्टे के अधिकारों पर विचार किए बिना एलओआई के आधार पर कोई एनओसी जारी न की जाए।
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बतरा ने पहले भी मांझी होम मामले में घोटाले और अनियमितताओं की बात उठाई थी। उन्होंने जनता से इस विवादित संपत्ति में निवेश से बचने की अपील की थी। यह मामला जनता के पैसे, कानून और पर्यावरण से जुड़ा है।
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