सोनीपत। नगर निगम कार्यालय में तत्कालीन मेयर निखिल मदान के विधायक बनने से मेयर एवं वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चेयरमैन का पद खाली है। निगम कार्यालय में पहली बार बिना चेयरमैन के वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक होगी। बैठक की तैयारी करने के लिए वाइस चेयरमैन ने सभी पार्षदों को पत्र लिखकर 13 नवंबर तक विकास कार्यों के लिए एजेंडे मांगे है। एजेंडे मिलने के बाद वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी।
नगर निगम कार्यालय में 8 अगस्त को तत्कालीन मेयर निखिल मदान की अध्यक्षता में वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें वार्ड नं 1, 3, 12, 13 व 16 में होने वाले 34.25 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी। उसके बाद कोई भी बैठक नहीं कराई गई। 5 अक्तूबर को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर मेयर निखिल मदान ने जीत हासिल कर विधायक बने। जिसके चलते नगर निगम कार्यालय में मेयर का पद खाली हो गया।
सीनियर डिप्टी मेयर ने बैठक बुलाने का लिखा था पत्र, वाइस चेयरमैन ने जताई आपत्ति
वित्त एवं अनुबंध कमेटी एवं सीनियर डिप्टी मेयर राजीव सरोहा ने उप निगमायुक्त को पत्र लिखकर 12 नवंबर को बैठक बुलाने के लिए कहा था। इसके बाद उप निगमायुक्त कार्यालय से फाइल कमेटी के वाइस चेयरमैन एवं निगम पार्षद सुरेंद्र मदान के पास पहुंची। उन्होंने 12 नवंबर को बैठक बुलाने के पत्र पर आपत्ति जताई। सुरेंद्र मदान ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय के नियमानुसार चेयरमैन की अनुपस्थिति में वाइस चेयरमैन बैठक बुला सकते हैं। उन्होंने निगम पार्षदों से 13 नवंबर तक विकास कार्यों के लिए एजेंडे मांगे हैं। एजेंडे फाइनल होने के बाद ही वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक तय की जाएगी।