सोनीपत। कई दिन की उमस के बाद शुक्रवार को मानसून के सीजन में पहली बार एक घंटा मेघ झमाझम बरसे और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया, जिससे शहरवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ीं। जलभराव ने नगर निगम और प्रशासन के सभी दावों की हवा निकाल दी।
शहर में विशेषतौर पर लगभग हर चौक-चौराहे, हर गली मोहल्ले से लेकर पॉश इलाकों तक में जलभराव हो गया। कई कॉलोनियों में लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। दूसरी ओर बारिश की वजह से किसानों के चेहरे खिल गए। क्योंकि इस बारिश को फसलों के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है। मानसून की यह बारिश दो तीन दिन और जारी रह सकती है।
गीता भवन चौक, ककरोई चौक, सुभाष चौक, मॉडल टाउन, सेक्टर 14 व 15, मंडी क्षेत्र और सूरी पेट्रोल पंप वाली गली जैसे प्रमुख स्थानों पर जलभराव के कारण राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पानी भरने से दोपहिया वाहन खराब हो गए और जाम की स्थिति भी उत्पन्न हुई।
फसलों के लिए अमृत साबित होगी बारिश
मौसम में आए बदलाव पर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ की फसलों, विशेषकर धान, बाजरा और मक्का के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। उमस भरे मौसम के कारण पौधों को जो नुकसान हो सकता था, वह बारिश से संतुलित हो गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इसी तरह अगले कुछ दिन अच्छी बारिश होती रही तो फसलों की ग्रोथ बेहतर होगी और किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
7 जुलाई तक बारिश के आसार
मौसम विभाग पहले ही 4 जुलाई से बारिश का अनुमान जारी कर चुका था, जो शुक्रवार को सटीक साबित हुआ। मौसम विशेषज्ञों ने आगामी 7 जुलाई तक और अधिक बारिश की संभावना जताई है।