सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नशे के खिलाफ
सोनीपत। दिल्ली के द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर के उपाध्यक्ष एवं आध्यात्मिक गुरु अमोघ लीला दास ने कहा कि अगर युवा जीवन में कामयाब होना चाहते हैं तो पढ़ाई के दौरान नशा व मोबाइल से दूरी बना लें। आज अमेरिका के 28 फीसदी तो अमेरिका में रहने वाले भारतीय 78 फीसदी स्नातक हैं।
अमोघ लीला दास मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने की।
मुख्य वक्ता अमोघ लीला दास ने कहा कि हमारा देश तेजी से विकास कर रहा है। विश्व की सबसे बड़ी करीब 18 लाख सेना भारत की है। हरियाणा के नौजवान सबसे ज्यादा सेना में जाते हैं। पाकिस्तान और चीन हमारे युवाओं को नशे के माध्यम से कमजोर करना चाहते हैं, ताकि वह सेना में भर्ती होने व पढ़-लिखकर देश को विकसित बनाने में अपना योगदान न दे सकें। देश के 43 फीसदी युवा गंभीर अध्ययन न करने के कारण नौकरी के पात्र नहीं हैं। वह दोस्तों के चक्कर में नशे के आदी हो जाते हैं। यही उनकी असफलता का कारण है। मोबाइल व सोशल मीडिया के कारण विद्यार्थी किताबों में ध्यान नहीं लगा पाते, इसलिए युवा बटन वाला मोबाइल लें और नशे से दूर रहें।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि देश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर हमारे युवा कई कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। सिलिकॉन वैली में 40 फीसदी भारतीय हैं। ऐसे में युवाओं को सही दशा व दिशा देने की जरूरत है। हमें मोबाइल पर नहीं, बल्कि उसे अपने अधीन बनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वह समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएं। विवि की प्रथम महिला प्रो. सुजाता सेंगर, कुलसचिव डॉ. अजय गर्ग, पूर्ण मूर्ति परिसर के चेयरमैन डाॅ. विजय पाल नैन, सचिव गौतम नैन, निदेशक कपिल भाटिया, कुलदीप, प्रो. विजय शर्मा, प्रो. एके सिंह, डाॅ. प्रदीप सिंह, डाॅ. संजीव इंदौरा, डाॅ. आरती, डाॅ. मनोज पंवार मौजूद रहे।