सोनीपत। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सोमवार को लघु सचिवालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार को सीएम व डिप्टी सीएम के नाम मांगपत्र सौंपा। साथ ही उन्होंने सरकार से 2 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में राजस्थान की तर्ज पर प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग उठाई।
पेंशन बहाली संघर्ष समिति के जिला उपाध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा कि 1 जनवरी 2004 को पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था खत्म कर एनपीएस व्यवस्था लागू कर दी थी। जिसमें कर्मचारी के वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत और 14 प्रतिशत सरकार द्वारा बाजार में निवेश किया जा रहा है। जिसमें न रिटनर्स की गारंटी है और ना ही पेंशन की। प्रदेश मुख्य सलाहकार प्रमोद ईष्टकान ने कहा कि एनपीएस के दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं। एनपीएस से सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों की पेंशन बुढ़ापा पेंशन से भी कम बन रही है।
गठबंधन सरकार को चाहिए कि राजस्थान सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार 2 मार्च से शुरू बजट सत्र में कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली की घोषणा करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सोमदत्त ने की। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष देवराज बाल्यान, जिला संयोजक विरेंद्र, जिला संगठन सचिव नीलम हुड्डा, सहसचिव विनोद शर्मा, परिचालक कल्याण संघ के राज्य महासचिव अमरजीत ददरवाल, नरेंद्र सहरावत, विष्णुदत शर्मा, मनोज गहलावत, उर्मिला, सीमा पाराशर, रामपत गोरड़, कर्मबीर रिढाऊ, ब्लॉक संयोजक दीपक लठवाल, हरपाल सिंह, नीरज, रामलाल, महावीर गहलावत, सुरेंद्र मेहला समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।