संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। शिक्षा, खेल, संस्कृति और कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाला गांव गढ़ी उजाले खां पिछले चार वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। गांव की चार–पांच गलियों में रहने वाले परिवारों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालात यह हैं कि लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे गर्मी के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती है।
महिलाओं का कहना है कि गांव के कई हिस्सों में जलापूर्ति सामान्य रूप से हो जाती है। उनकी चार–पांच गलियां वर्षों से उपेक्षित हैं। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी नलों में पानी नहीं आता, जिससे घरेलू कामकाज से लेकर पीने के पानी तक की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की किल्लत की मुख्य वजह जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी खामियां और कुछ स्थानों पर पाइपलाइन का सही ढंग से नहीं बिछाया जाना है। इस संबंध में कई बार सरपंच और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
क्या बोले ग्रामीण
हमारी गली में पानी की स्थिति बेहद खराब है। सप्लाई के समय कभी एक बाल्टी तो कभी दो बाल्टी पानी ही मिल पाता है। इससे परिवार की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती। पीने के पानी के लिए बच्चों को खेतों से ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गियों में पानी भरकर लाना पड़ता है। पानी की कमी के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गीता
नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण मजबूरी में पड़ोसियों के घरों से पानी भरकर लाना पड़ता है। रोज-रोज दूसरों पर निर्भर रहना आसान नहीं होता। बाल्टियों में पानी ढोने में काफी समय और मेहनत लगती है। इससे घर के अन्य काम भी प्रभावित होते हैं। इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
बबली
गांव के कई हिस्सों में पानी की पाइपलाइन दो-दो बार बदली जा चुकी है। इससे वहां की आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हो गई है। हमारी गली की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। मंत्री, सरपंच, पंचों और विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली।
उषा
हमारी गली नंबर एक में पिछले दो-तीन वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है। मुख्य सप्लाई लाइन में पर्याप्त प्रेशर नहीं होने के कारण घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। मजबूरी में बाहर से पानी लाकर काम चलाना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
कृष्णा
54 लाख रुपये की योजना से समाधान की उम्मीद
गांव के सरपंच रविंदर लड़वाल ने बताया कि गांव में पिछले तीन-चार वर्षों से पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्या बनी हुई थी। इससे ग्रामीणों को काफी असुविधा हुई। समस्या के स्थायी समाधान के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने 54 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कराई है। नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है और संबंधित विभाग तेजी से काम कर रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद गांव की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी तथा प्रत्येक घर तक पर्याप्त और नियमित पेयजल पहुंच सकेगा।
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा
गोहाना के गढ़ी उजाले खां में पानी की नियमित सप्लाई की मांग को लेकर एकत्रित ग्रामीण महिलाएं। संवा