फोटो :38: सोनीपत में बहालगढ़ रोड पर रात के समय छाया कोहरा। संवाद
सोनीपत। जिले में रात होते ही घने कोहरे की चादर चारों ओर फैल गई। वीरवार तड़के तक हालात ऐसे बन गए कि जैसे बूंदे गिर रही हैं। सुबह दृश्यता 30 मीटर तक रही। इसके चलते हाईवे समेत सभी प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई।
घने कोहरे का सबसे अधिक असर कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) और कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर देखने के लिए मिला। इन मार्गों पर दृश्यता सीमित रहने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने पड़े। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए।
सुबह करीब दस बजे कोहरा कुछ हद तक छटने शुरू हुआ लेकिन साढ़े 11 बजे तक सूर्य के दर्शन नहीं हो सके। धूप न निकलने के कारण वातावरण में नमी और ठंडक बनी रही। इससे लोगों को दिन में भी कड़ाके की ठंड का अहसास होता रहा। ठंडी हवा और ओस के चलते विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालक और सुबह टहलने निकले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित दिखे।
मौसम में आए बदलाव के साथ ही तापमान में भी बड़ा उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। वीरवार को अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज के किया गया। बुधवार की तुलना में अधिकतम तापमान में 5.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट व न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई।
पहाड़ी क्षेत्र से आने वाली ठंडी हवा के चलते आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे ठिठुरन और बढ़ेगी। कोहरे की अधिकता रहेगी। घने कोहरे के दौरान यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से सुबह के समय लंबी दूरी की यात्रा से बचें। -डॉ. प्रेमदी, मौसम वैज्ञानिक केवीके सोनीपत।