सोनीपत। कोहरा लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। इससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कोहरे के दौरान सुबह बहालगढ़ के पास रोडवेज बस की चपेट में आने से सड़क पार कर रहे कंपनी कर्मी की मौत हो गई। वहीं कुंडली बॉर्डर पर चने से भरा ट्रक हाईवे पर रखे पत्थर के डिवाइडर से टकरा गया। इससे हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। कोहरे में रात को दृश्यता कम होने से वाहन रेंगते रहे। शनिवार को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है।
शुक्रवार रात से ही कोहरा छा गया। इससे रात को यात्रा कर रहे वाहन चालकों को परेशानी हुई। शनिवार तड़के ग्रामीण क्षेत्र कोहरे की चादर से ढका था। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रात व तड़के दृश्यता करीब 20 मीटर रही। वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। दिन में धूप खिलने से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन भर तीन किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलती रही।
सड़क पार कर रहे श्रमिक को रोडवेज ने कुचला
नेशनल हाईवे-44 पर बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास शनिवार सुबह आठ बजे हरियाणा रोडवेज बस की चपेट में आकर श्रमिक की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर के गांव मऊ खालसा निवासी बेबी ने बताया कि वह अपने पति राजाराम व परिवार के अन्य सदस्यों संग डेढ़ दशक से बहालगढ़ में रहती हैं। उनके पति फैक्टरी में काम करते थे। वह सुबह बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास सड़क पार करने लगे तो बस ने उन्हें कुचल दिया। चालक की लापरवाही से पति की जान गई है। परिवार का एकमात्र सहारा छीन गया। उनके पास दो बेटे व एक बेटी हैं।
कुंडली बॉर्डर पर बैरिकेड से टकराया ट्राला
एनएच-44 पर कुंडली बॉडर पर कोहरे में चने से भरा ट्राला पत्थर के बैरिकेड से टकरा गया। इससे चने के बैग सड़क पर बिखर गए। इसे उठाने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। हाईवे पर हुए हादसे के बाद जाम की स्थिति बन गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्राला को हटवाने की कोशिश शुरू की। इस दौरान काफी देर तक हालात बदतर रहे। मशक्कत के बाद ट्राला को हटवाकर जाम की स्थिति को सामान्य किया जा सका।
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कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कम रहेगा। वातावरण में नमी से कोहरा परेशानी का कारण बना रह सकता है। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके जगदीशपुर