सोनीपत। साइबर थाना पुलिस ने कुंडली की महिला को मोटी कमाई का झांसा देकर 7.10 लाख रुपये की नकदी ऐंठने के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का राजस्थान के भीलवाड़ा व उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 1.25 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
कुंडली स्थित बिल्डर सोसायटी निवासी प्रीति ने 19 फरवरी को साइबर थाना पुलिस को बताया था कि वह सोशल मीडिया पर एक ग्रुप में शामिल हुई थी। ग्रुप से जुड़े लोगों ने उन्हें बताया था कि स्टॉक मार्केट में संस्थागत खाते के माध्यम से निवेश कर मोटी कमाई की जा सकती है। उन्हें बताया गया था कि एलआरओ कंपनी के माध्यम से वेबसाइट लिंक डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटआईएनडीडॉटएमएमएमजीजीडॉटकॉम से जोड़ दिया था। इसके बाद माया शर्मा नाम की महिला ने उनके पास व्हाट्सएप कॉल की थी। महिला ने कहा था कि स्टॉक मार्केट में निवेश करने से उन्हें 500 फीसदी तक का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने पहले दो लाख रुपये उनके दिए नंबर पर डाले तो 10 हजार रुपये का लाभ दिया गया था। बाद में झांसे में लेकर एपीपीडॉटएमएमएमजीजीडॉटकॉम का लिंक दिया था। इस पर 11 बार में 10 जनवरी से लेकर 16 फरवरी तक 7.10 लाख रुपये उनके बताए खातों में भेज दिए थे।
16 फरवरी को उनके खाते में 32,79,340 रुपये दिख रहे थे। रुपये निकालने की कोशिश करने पर 5.14 लाख रुपये मांगे थे। तब उन्हें ठगी का पता लगा था।
पांच आरोपी पकड़े
मामले में साइबर थाना प्रभारी बसंत व उनकी टीम में शामिल संजीव, जितेंद्र, अनिल, राजीव व सतीश ने पांच आरोपियों को पकड़ा है। मामले में पुलिस ने मूलरूप राजस्थान के झुंझुनू के गांव खंडवा हाल उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी सचिन, झुंझुनू के गांव रसूलपुर निवासी प्रदीप उर्फ सोनू, लाखु निवासी रहीस, भीलवाड़ा के गांव खोदू कोटा निवासी गोपाल व सोहनलाल को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों से बैंक में फ्रिज कराए एक लाख रुपये व 25 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।
पहले रहीस को पकड़ा, उसके बाद अन्य किए गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार रुपये रहीस के खाते में गए थे। उसे पकड़ा तो पता लगा कि उसे लालच देकर बैंक खाता प्रदीप ने लिया था। उसके बाद प्रदीप को पकड़ा तो पता लगा कि बैंक खाता नंबर उसने सचिन को दिया था। उसके बाद सचिन व फिर गोपाल व सोहन लाल को पकड़ा गया।
ठगी के मामले में पांच आरोपी पकड़े हैं। साइबर ठग मुनाफे का लालच देकर फंसाते हैं। इस तरह के लालच से बचे। साथ ही किसी तरह की धमकी या डिजिटल अरेस्ट से बचने को पुलिस की मदद लेनी चाहिए।
- प्रबिना पी, पुलिस उपायुक्त, पूर्वी जोन सोनीपत