सोनीपत। वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के साथ ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। ऐसे में अब लकड़ी वाले कोयले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। सहायक पर्यावरण अभियंता (एईई) के नेतृत्व में टास्क फोर्स कमेटी गठित कर दी गई है।
केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एईई के नेतृत्व में टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी जिले में जाकर ग्रैप के नियमों का आकलन करेगी। ग्रैप नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 500 वर्ग मीटर से अधिक के भूखंड पर निर्माण से पहले डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे भूखंड पर भवन, औद्योगिक या अन्य किसी भी तरह का निर्माण (सरकारी हो या गैर सरकारी) बिना पंजीकरण के नहीं किया जा सकेगा। पंजीकरण के बाद संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
यह निगरानी की जाएगी डस्ट तो नहीं फैल रहा है। भवन निर्माण सामग्री को ढक कर रखा गया है या नहीं। साथ ही निर्माण सामग्री को बिना ढके तो नहीं लाया जा रहा है। सेंसर कैमरे लगे हैं या नहीं। वायु गुणवत्ता नियंत्रण आयोग के नियमों का पालन करना होगा। यदि कोई बिना पंजीकरण निर्माण करते हुए मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पराली जलाने पर पहले से है रोक
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पहले से पराली जलाने पर रोक है। प्रशासन की ओर से पराली जलाने के मामले में मुकदमे कराए जा रहे हैं। डंपिंग स्थानों पर नगर निगम, परिषद व पालिका की ओर से ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू), निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट कचरे का नियमित उठान करना होगा। कोई भी कचरा अवैध रूप से खुले क्षेत्रों में डाला नहीं जाएगा।
वहीं, सड़कों का समय-समय पर मशीन से सफाई करवाना और पानी का छिड़काव करना होगा। डीजल जनरेटर सेट का उपयोग बिजली आपूर्ति के नियमित स्रोत के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
लोगों के लिए यह जरूरी
वाहनों में टायर का उचित दबाव बनाए रखें।
अपने वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखें।
लालबत्ती पर इंजन बंद कर दें।
हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें।
खुले स्थान पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं।
10-15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन न चलाएं।
हवा की गति धीमी पड़ने से बढ़ी समस्या
जिले में अब तक हवा की गति तेज थी। पूर्वी हवा चलने के कारण प्रदूषण का स्तर कम था। अब हवा की दिशा बदल गई है। जिले में उत्तर-पश्चिमी हवा चल रही है। इसकी वजह से पहाड़ी क्षेत्रों से ठंड तो मैदान में पहुंच रही हैं लेकिन हवा की गति धीमी होने के कारण एक्यूआई का स्तर बिगड़ रहा है। दिल्ली में एक्यूआई बुधवार को 233 रहा। जिले में महज पांच किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चली। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री रहा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप का पहला चरण लागू हो गया है। साथ ही निगरानी के लिए टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया गया है। सभी लोग ग्रैप नियम का पालन करते हुए प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें। -निर्मल कश्यप, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।