अग्निशमन विभाग की 13 गाड़ियों ने चार घंटे में आग पर नियंत्रण पाया
फोटो :: 22 से 26
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राई औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद प्लॉट नंबर-60 स्थित लाइटर बनाने वाली फैक्टरी में आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने पास स्थित प्लाईवुड फैक्टरी तथा प्लास्टिक दाना निर्माण इकाई को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में लगातार हुए तेज धमाकों से पूरा औद्योगिक क्षेत्र दहल उठा जबकि आसमान में कई किलोमीटर दूर तक धुएं का घना गुबार और आग की ऊंची लपटें दिखाई देती रहीं। अग्निशमन विभाग की 13 गाड़ियों ने चार घंटे में आग पर नियंत्रण पाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग करीब सवा तीन बजे लाइटर निर्माण फैक्टरी में लगी। वहां मौजूद ज्वलनशील रसायनों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। पीछे स्थित विकास इंडस्ट्रीज प्लाईवुड फैक्टरी तथा प्लॉट नंबर 92-93 स्थित कृष्णा इंटेक्स तक फैल गई।
आग की गर्मी से केमिकल ड्रम एक के बाद एक फटने लगे। धमाकों के कारण आसपास की इमारतों के शीशे तक टूट गए। क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही एसडीएम सुभाष चंद्र और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
वहीं, अग्निशमन विभाग ने सोनीपत से 12 व पानीपत के समालखा से एक दमकल वाहन को मौके पर भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब चार घंटे तक लगातार अभियान चलाकर शाम सवा सात बजे आग पर काबू पाया।
कवर फैक्टरी में आग पर काबू पाने में करनी पड़ी मशक्कत
अग्निशमन विभाग के अनुसार तीन फैक्ट्रियों का अधिकांश हिस्सा लोहे के शेड और बंद संरचना से घिरा होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई आई। फैक्टरी के सामने बने लोहे के शेड ने भी राहत कार्य में बाधा उत्पन्न की। इसके बावजूद दमकल टीम ने सूझबूझ से काम लेते हुए आग को अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोक लिया जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उप अग्निशमन अधिकारी विनोद ढुल ने बताया कि फैक्टरी के भीतर पहुंचना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास कर आग पर नियंत्रण पा लिया। आग लगते ही फैक्टरी के कर्मियों को बाहर निकाल लिया गया था। लाइटर फैक्टरी में गैस सिलिंडर होने से भी दिक्कत आई। मालिक मौजूद नहीं होने से यह भी पता नहीं था कि अंदर कितने सिलिंडर है।
आग से हुए नुकसान का नहीं हो सका आकलन
हालांकि तीनों फैक्ट्रियों में हुए आर्थिक नुकसान का वास्तविक आकलन अभी नहीं हो सका है। प्रशासन का कहना है कि फैक्टरी मालिकों के आने और संयुक्त निरीक्षण के बाद ही नुकसान की सही तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। आग से करोड़ों के नुकसान का अंदेशा है।
वर्जन
-आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक रूप से किसी जनहानि की सूचना नहीं है, आग लगते ही फैक्ट्रियां में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। शेड के चलते आग पर काबू पाने में अग्निशमन टीम के दिक्कत आई। -सुभाष चंद्र, एसडीएम सोनीपत
फोटो : सोनीपत के राई औद्याेगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में लगी आग के दौरान उठती लपटें व धुआं। स