संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गांव मीमारपुर गढ़ी निवासी दिलशाद ने कैंटर ट्रांसफर कराने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने वाहन मालिक और दो बैंक अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। मुरथल थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिलशाद ने बागपत के रविंद्र धामा से छह लाख रुपये में एक कैंटर खरीदा था। उन्होंने रविंद्र को नकद, किस्त बाउंस और फोन-पे के माध्यम से कुल 3.80 लाख रुपये का भुगतान किया। रविंद्र ने वाहन ट्रांसफर के लिए फार्म-29, फार्म-30 और अन्य दस्तावेज दिए।
उसने बैंक ऋण पूरा होने पर एनओसी देने का आश्वासन भी दिया था। उस समय वाहन पर टाटा कैपिटल फाइनेंस का करीब सात लाख रुपये का ऋण था, जिसकी दिलशाद ने 34 मासिक किस्तें जमा कराईं।
नया ऋण और मारपीट
बाद में रविंद्र ने दिलशाद की मुलाकात चोलामंडलम बैंक के नवीन और शाखा प्रबंधक मनोज से कराई। आरोप है कि तीनों ने वाहन ट्रांसफर का भरोसा देकर उससे जरूरी दस्तावेज ले लिए। कुछ समय बाद दिलशाद को ऋण की किस्त कटने के संदेश मिलने लगे।
जांच में पता चला कि वाहन पर 10.97 लाख रुपये का नया ऋण लिया जा चुका है। जब दिलशाद ने रविंद्र से जवाब मांगा तो उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि बाद में आरोपी कैंटर भी अपने साथ ले गए।