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भूजल दूषित करने पर फंसी टीडीआई, पारकर, बिल्डटेक और नारंग रियल एस्टेट कंपनी, 22.5 करोड़ का जुर्माना, तीन महीने में देना होगा

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कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन करते किसान उदय समिति के पदाधिकारी - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली में सेक्टर-58 से 64 तक में रेजीडेंसियल कॉलोनी बनाने वाली चार रियल एस्टेट कंपनियों पर एनजीटी ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। जिन पर भूजल प्रदूषण फैलाने पर 22.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है और यह जुर्माना तीन महीने में जमा कराना होगा। वहां की कॉलोनियों का दूषित पानी नांगल कलां की जमीन पर डाला जा रहा था और उससे वहां के पानी में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा था। जिससे किसान उदय समिति को एनजीटी में जाना पड़ा। समिति के पदाधिकारियों ने कंपनियों पर जुर्माना लगाए जाने के बाद बुधवार को उन जगहों का निरीक्षण किया, जहां दूषित पानी डाला जा रहा था। जुर्माना लगने के बावजूद भी रियल एस्टेट कंपनियों ने दूषित पानी खुले में डलवाना बंद नहीं किया है। जिस पर समिति के पदाधिकारियों ने रोष जताते हुए कंपनियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
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किसान उदय समिति के प्रधान फूलकुमार ने बताया कि टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर, सीएमडी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, पारकर एस्टेट डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड व नारंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने कुंडली में सेक्टर-58 से 64 तक में रेजीडेंसियल कॉलोनियां विकसित की थीं। जिनमें अधिकतर ने फ्लैट बनाकर बेच दिए हैं। लेकिन इन रियल एस्टेट कंपनियों ने कॉलोनियों के गंदे पानी व कूड़े के प्रबंधन का उचित प्रबंध नहीं किया। इसके साथ ही किसी भी जगह एसटीपी नहीं लगाया गया। इस कारण ही इन कॉलोनियों का गंदा पानी टैंकरों से खुले में डाला जाने लगा। किसान उदय समिति के पदाधिकारियों ने इसका विरोध करते हुए एनजीटी में केस डाल दिया। जिस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने इन कॉलोनियों का गंदा पानी टैंकर में भरकर राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के पतला गांव में बने एसटीपी में डालने के आदेश दिए। लेकिन कंपनियों ने एनजीटी के उस आदेश को नहीं माना और गंदे पानी को नांगल कलां व अटेरना के पास खुले में डालते रहे। जिससे इन दोनों गांवों का पानी दूषित होने लगा और इस दूषित पानी के कारण ही गांव में बीमारियां बढ़ने लगी हैं। यह मामला दोबारा से एनजीटी में रखा गया तो वहां से टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 15 करोड़, सीएमडी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड पर 2.5 करोड़, पारकर एस्टेट डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर 2.5 करोड़, नारंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर 2.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह जुर्माना फरवरी 2020 तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा कराना होगा और इसके जमा नहीं कराने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
समिति पदाधिकारियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
किसान उदय समिति के अध्यक्ष फूलकुमार, अनिल तुषीर, कंवर सिंह, विनोद तुषीर, राजपाल, ओमकार, रामधन, अजीत, रविंद्र, बिजेंद्र सिंह, सुखपाल चौहान व हरीश कुमार ने बुधवार को उन जगहों का निरीक्षण किया। जहां कॉलोनियों का गंदा पानी डाला जा रहा है। लेकिन जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कंपनियों ने पानी डालना बंद नहीं किया। जिसको लेकर किसान उदय समिति के पदाधिकारियों में रोष व्याप्त है और कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

नांगल कलां गांव के पास डाला गया गंदा पानी- फोटो : Sonipat

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