सोनीपत। नौ सौ करोड़ रुपये से निर्मित नेशनल हाईवे-44 व संपर्क मार्ग का सुधारीकरण शुरू हो गया है। बारिश में हाईवे जगह-जगह से टूटने की वजह से वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी। अब गड्ढों को भरकर पैचवर्क का काम शुरू कर दिया गया है।
कुंडली से पानीपत तक 24 किलोमीटर लंबे हाईवे व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून, 2023 को लोकार्पित किया गया था। बारिश में हाईवे जगह-जगह से टूट गया था। कुंडली से लेकर मुरथल तक हाईवे पर कई जगह गड्ढे बन गए थे। इससे हादसे का भय बना रहता है। लोगों को आ रही परेशानी को देखते हुए एनएचएआई ने इसे दुरुस्त करने की पहल शुरू कर दी है।
पत्थर भरकर तारकोल डाल लगा रहे पेचवर्क
राई के पास हाईवे और संपर्क मार्ग पर गड्ढे हो गए थे। जहां पर रात को पैचवर्क किया गया। कुंडली के पास भी गड्ढों को भरा गया। बहालगढ़ में तारकोल से बनी सड़क टूटने से बने बड़े गड्ढे में तारकोल व पत्थर डालकर पैचवर्क किया गया है। एनएच-44 पर हर दिन 80 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। इससे टोल टैक्स के माध्यम से मोटी राशि मिलती है। उसके बावजूद संपर्क मार्ग की हालत खस्ता होने से लोगों को दिक्कत आ रही थी।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने 8 सितंबर के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल गड्ढों को भरने का काम जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य स्थायी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
नेशनल हाईवे-44 व संपर्क मार्ग पर बने गड्ढों को भरा जा रहा है। जहां सड़क टूटी है वहां पैचवर्क किया जा रहा है। -जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण।
फोटो :20: सोनीपत में बहालगढ़ के पास नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग पर पत्थर व तारकोल से भरा गया गड
फोटो :20: सोनीपत में बहालगढ़ के पास नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग पर पत्थर व तारकोल से भरा गया गड