भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भैया दूज पर्व शुक्रवार को जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने तिलक लगाकर भाई के दीर्घायु की कामना की। भाई ने बहन को उपहार भी भेंट किया। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर देर शाम तक भीड़ रही।
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया को भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। पर्व को लेकर शुक्रवार सुबह से ही शहर में खूब चहल-पहल रही। नए वस्त्र पहनकर बहनों ने भाई को तिलक लगाया। उनकी लंबी आयु की कामना की। नारियल व मिठाई से मुंह मीठा कराया।
परिवार के बड़े सदस्यों ने जहां इस पर्व की परंपरा को निभाया, वहीं नन्हे मुन्नों पर भी भैया दूज का खासा रंग देखा गया। मिठाइयों व उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। विवाहित बहनों ने सुबह से ही भाई के घर की ओर रुख कर लिया। निजी वाहन चालकों की दिनभर बहार रही।
हर जगह रही जाम की स्थिति
भैयादूज पर्व के चलते सुबह से ही रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, सुभाष चौक, शनि मंदिर आरयूबी आदि जगहों पर महिलाओं, बच्चों व पुरुषों तथा वाहनों की ज्यादा भीड़ रही। सुबह के समय रेलवे स्टेशन पर अधिक भीड़ होने के कारण लोगों को ट्रेन में चढ़ते समय काफी परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में भी कई जगहों पर जाम की स्थिति रही।
बहनों ने मांगी लंबी उम्र
गोहाना। गोहाना में भी बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की दुआ मांगी। जिस पर भाइयों ने बहनों को भेंट स्वरूप उपहार दिए। शुक्रवार को भैया दूज के अवसर पर दूर-दूर से आकर बहनों द्वारा अपने भाइयों को तिलक कर उनकी लंबी उम्र के लिए ईश्वर से कामना की। वहीं, भाई ने अपनी लाडली बहनों की रक्षा का वचन दिया।
पंडितों के अनुसार पांच दिवसीय दीपोत्सव के आखिरी दिन भैया दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन हर बहन रोली और अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उसके उज्ज्वल भविष्य का आशीष देती हैं और भाई बहन को कुछ उपहार देता है। यह त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहते हैं। मान्यता है कि आज के दिन बहन के घर भोजन करने से भाई की उम्र बढ़ती है।