फोटो 33: सोनीपत लघु सचिवालय स्थित कृषि विभाग कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेते उप निदेशक
सोनीपत। कृषि विभाग ने खाद वितरण प्रणाली में बदलाव करते हुए इसे अब मेरी फसल–मेरा ब्यौरा पोर्टल से जोड़ दिया है। बुधवार से लागू इस नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी किसान को खाद तभी उपलब्ध होगी, जब उसकी फसल का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज होगा।
नई व्यवस्था के तहत अब केवल आधार कार्ड लेकर खाद विक्रेता की दुकान पर जाने से खाद नहीं मिल सकेगी। अब बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से खाद वितरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है। मशीन पर किसान का अंगूठा लगने के बाद ही खाद वितरण की स्वीकृति मिलेगी।
पोर्टल किया गया ओपन
कृषि विभाग ने रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही मेरी फसल–मेरा ब्यौरा पोर्टल फिर ओपन कर दिया है। जिन किसानों ने पहले खरीफ सीजन में फसल का पंजीकरण कराया है उन्हें दोबारा रबी सीजन में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने किसानों से अपील की कि वे समय पर पंजीकरण करवाएं, ताकि रबी सीजन के दौरान खाद वितरण में कोई समस्या न आए। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसानों को किसी प्रकार की किल्लत नहीं होगी।
60 हजार एमटी यूरिया की रहती है मांग
रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही खाद की मांग बढ़ने लगी है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर से मार्च तक सोनीपत जिले में लगभग 60 हजार एमटी यूरिया और 14 हजार एमटी डीएपी खाद की जरूरत रहती है।