सोनीपत। अमर उजाला और एनड्रोमेडा कैंसर अस्पताल की ओर से शुक्रवार को जीवीएम गर्ल्स कॉलेज में कैंसर जागरूकता अभियान चलाया गया। छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव बताए गए और उन्हें नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की महिला सेल और एनएसएस के सहयोग से हुआ। छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए कैंसर के लक्षण, बचाव और इलाज की जानकारी दी।
मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा गर्ग ने कहा कि कैंसर के कई कारण हो सकते हैं। वजन कम होना, भूख न लगना, लगातार बुखार और एचबी कम होना इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं। कैंसर हड्डियों में भी हो सकता है। शरीर में कोई असामान्य बदलाव महसूस हो तो लापरवाही न करें। डॉक्टर से सलाह लें। समय पर जांच से बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है। उन्होंने डे-केयर और कीमोथेरेपी सहित इलाज से जुड़ी जानकारी भी दी।
अस्पताल निदेशक एवं ऑन्को सर्जन डॉ. अरुण गोयल ने कहा कि कैंसर के इलाज के साथ जागरूकता भी जरूरी है। विद्यार्थी इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर कई प्रकार का होता है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में इसके प्रकार अलग हो सकते हैं। इनके कारण, जांच और इलाज भी अलग होते हैं।
प्राचार्य डॉ. मंजुला स्पाह ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शैक्षणिक विकास तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। समय पर जांच और सही जानकारी स्वस्थ समाज के लिए जरूरी है।
कॉलेज में युवा अफेयर एवं खेल मंत्रालय और एनएसएस के माध्यम से ‘सौ दिन का संकल्प अभियान : विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’ शुरू किया गया। अभियान के तहत युवा संकल्प और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। प्राचार्य और एनएसएस प्रभारी रुचिका विरमानी ने छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव बताए। इसके बाद उन्हें खुद और समाज को नशे से दूर रखने की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर मोनिका, मीना कालड़ा, डॉ. मनीता, रश्मि, रुचिका, प्रीति और अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
कैंसर से बचाव के लिए गलत आदतों से दूर रहना जरूरी
डॉ. अरुण गोयल ने बताया कि कैंसर का एक ही कारण बताना मुश्किल है। बचाव के लिए गलत आदतों से दूर रहना जरूरी है। तंबाकू को नशा न मानना गलत है। इसमें निकोटीन के साथ कई हानिकारक रसायन होते हैं। ई-सिगरेट भी नुकसानदायक है। तंबाकू का सेवन कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक है। उन्होंने तंबाकू और शराब से दूर रहने की सलाह दी।
कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है मोटापा : डॉ. गोयल
डॉ. गोयल ने कहा कि मोटापा भी कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। जंक फूड और बदलती जीवनशैली से मोटापे की समस्या बढ़ रही है। वजन नियंत्रित रखना जरूरी है। इसके लिए नियमित व्यायाम और संतुलित खान-पान अपनाने की सलाह दी।