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Sonipat: रोहतक रोड पर 34 वर्ष पुराने आरओबी की फिजिबिलिटी जांच शुरू, श्रीराम लैबोरेट्री से पांच लोगों की टीम आई

Fri, 20 Dec 2024 11:40 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

रोहतक रोड ओवरब्रिज खरखौदा की ओर से आवागमन करने वाले वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। यहां से रोजाना करीब 10 हजार भारी वाहन आवागमन करते हैं। दिनभर वाहनों का आना-जाना लगा रहता है।
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कार्य करती टीम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सोनीपत के रोहतक रोड स्थित पुराने रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को चार पहिया वाहनों के लिए बंद करने के छह दिन बाद फिजिबिलिटी जांच शुरू हो गई है। आरओबी के निर्माण में लगी सामग्री की जांच के लिए शुक्रवार सुबह दिल्ली स्थित श्रीराम लैबोरेट्री से पांच लोगों की टीम सोनीपत पहुंची। टीम की ओर से आरओबी निर्माण में लगी सामग्री की जांच की जाएगी। साथ ही आरओबी की निर्माण सामग्री व रिपोर्ट को जल्द रुड़की स्थित आईआईटी भेजा जाएगा। इसके बाद आरओबी पर आवागमन को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा।

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रेलवे व लोक निर्माण विभाग की ओर से 14 दिसंबर को रोहतक रोड आरओबी के पास खंभे लगवाकर व बड़ा पत्थर रखकर चार वाहनों का आवागमन बंद किया गया है। फिलहाल आरओबी पर दोपहिया वाहन चालकों का आवागमन जारी है। वहीं चार पहिया वाहन चालकों का नए आरओबी से आवागमन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रोहतक रोड पर 34 वर्ष पुराना रेलवे ओवरब्रिज कमजोर पड़ रहा है।

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ऐसे में आमजन की सुरक्षा के चलते पुराने आरओबी से चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद की गई है। अधिकारियों की ओर से आरओबी को तीन बार बंद किया जा चुका है। रोहतक रोड आरओबी भारी वाहनों की आवाजाही के लिए कितना सुरक्षित है, इसको लेकर आईआईटी रुड़की की सर्वे रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था। अब दिल्ली स्थित श्रीराम लैबोरेट्री से टीम बुलाकर पुराने आरओबी की फिजिबिलिटी जांच करवाई जा रही है। यह टीम जांच रिपोर्ट व आरओबी की निर्माण सामग्री को जल्द आईआईटी रुड़की भेजेगी।

वर्ष 1992 में बना था पुराना आरओबी, 2023 में हुआ था सर्वे
रोहतक रोड ओवरब्रिज खरखौदा की ओर से आवागमन करने वाले वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। यहां से रोजाना करीब 10 हजार भारी वाहन आवागमन करते हैं। दिनभर वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। लोक निर्माण विभाग ने ओवरब्रिज के एक हिस्से को वर्ष 1992, जबकि दूसरे हिस्से को वर्ष 2014 में बनाया था। वहीं रेलवे की ओर से मार्च 2023 में पुराने आरओबी की मरम्मत भी करवाई गई थी। उस समय रेलवे ने मुख्यालय पत्र लिखकर आईआईटी रुड़की से सर्वे कराया था। सर्वे में आईआईटी टीम ने निरीक्षण के दौरान पुराने आरओबी से भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने के संकेत दिए थे।
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अधिकारी के अनुसार
रोहतक रोड स्थित पुराने आरओबी की फिजिबिलिटी जांच करवाई जा रही है। जांच के लिए श्रीराम लैबोरेट्री, दिल्ली की टीम को बुलाया गया है। टीम अपनी जांच के बाद रिपोर्ट व आरओबी की निर्माण सामग्री को आईआईटी रुड़की भेजेगी। रुड़की से रिपोर्ट आने पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2023 में सर्वे में आईआईटी टीम ने निरीक्षण के दौरान पुराने आरओबी से भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने के संकेत दिए थे। -नरेश कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे।

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