सोनीपत। नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी जारी करने के दौरान अनियमितता का मामला सामने आने के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। वर्ष 2020 से मार्च 2025 के बीच बनी प्रॉपर्टी आईडी की जांच में खामियां पाए जाने पर तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि करीब दस कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी बनाने को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हें गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पांच वर्षों में बनी आईडी की जांच कराई। जांच में सामने आया कि कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया गया और लापरवाही बरती गई। मुख्यालय स्तर पर सितंबर माह में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता नगर निगम पानीपत के आयुक्त पंकज कुमार ने की। समिति को पांच वर्षों के रिकॉर्ड की जांच कर दो माह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। तय समय में रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जेडटीओ राजेंद्र चुघ, एसडीओ अभिषेक और तत्कालीन जेई नवरत्न को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। साथ ही नगर निगम आयुक्त को अन्य दस कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि जांच में सामने आया कि कई प्रॉपर्टी आईडी ऐसे क्षेत्रों में जारी की गईं, जो स्वीकृत (अनप्रूव्ड) नहीं थे। प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर ही रजिस्ट्री होती है। गलत तरीके से जारी आईडी के कारण अवैध कॉलोनियों में भी जमीन की खरीद-फरोख्त संभव हुई। नगर निगम रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2019 में जहां करीब 1.40 लाख प्रॉपर्टी आईडी थीं, वहीं अब यह संख्या बढकऱ लगभग 1.98 लाख हो चुकी है।