गोहाना। नववर्ष के पहले ही दिन केंद्र सरकार ने व्यवसायिक गैस सिलिंडर के दामों में 111 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसे ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड, पिज्जा शॉप और बेकरी संचालकों में नाराजगी है। 1 जनवरी से नई दरें लागू होते ही खाद्य कारोबार से जुड़े छोटे-बड़े सभी व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
व्यवसायियों का कहना है कि पहले ही सब्जी, खाद्य तेल, मसाले, लेबर और अन्य कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। अब गैस सिलिंडर के दाम बढऩे से लागत और अधिक बढ़ गई है, जबकि ग्राहकों पर इसका सीधा बोझ डालना उनके लिए संभव नहीं है।
ढाबा संचालक विजय विरोधिया ने बताया कि भोजन तैयार करने की लागत पहले से ही काफी अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद वे प्रयास करते हैं कि ग्राहकों को खाने के दामों में ज्यादा बढ़ोतरी न झेलनी पड़े। उन्होंने कहा कि जैसे ही मौसमी सब्जियां सस्ती होती हैं, उसी दौरान गैस सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए जाते हैं। इससे कारोबार में मुनाफा लगातार घट रहा है और अब गैस महंगी होने से परेशानी और बढ़ेगी।
लखन विश्वकर्मा ने बताया कि फास्ट फूड के व्यवसाय में लेबर और कच्चे माल की लागत पहले ही काफी अधिक है। अब गैस सिलिंडर महंगा होने से छोटे कारोबारियों के लिए खर्च निकालना और कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती लागत छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।