खरखौदा (सोनीपत)। कभी गहरी दोस्ती में बंधे दो युवकों के बीच हुई मामूली कहासुनी ने दो परिवारों की तीन पीढ़ियों को तबाह कर दिया। पांच साल पुरानी रंजिश ने शुक्रवार को फिर खून बहा दिया। गोपालपुर निवासी मोहित और उसके पिता धर्मबीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 2020 में नितिन की हत्या से शुरू हुई रंजिश में तीन जानें चली गईं। नितिन की हत्या के आरोप में मोहित जेल गया था और अब उसी सिलसिले की कड़ी में पिता-पुत्र की जान चली गई।
गोपालपुर निवासी मोहित और खरखौदा के वार्ड-6 निवासी नितिन सैनी पहले गहरे दोस्त हुआ करते थे लेकिन एक कहासुनी ने दोनों के बीच दरार डाल दी। नितिन 12वीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद अपने ननिहाल आसौदा (झज्जर) चला गया था। 17 नवंबर 2020 को वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने बताया कि उसके दो दोस्त मोहित व नितिन कुमार बाइक से घर आए थे और नितिन सैनी को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया।
परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह की टीम ने मोहित और नितिन कुमार को हिरासत में लिया तो उन्होंने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में उन्होंने बताया कि छह माह पहले कहासुनी हुई थी जिसका बदला लेने के लिए नितिन सैनी को घर से बुलाकर केएमपी के पास झाड़ियों में ले जाकर बर्फ तोड़ने के सुए से हमला कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने पिता-पुत्र के शवों को नागरिक अस्पताल सोनीपत भिजवाया जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां ले जाया गया। शनिवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
किराये की स्कॉर्पियो से दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने वारदात के लिए किराये की सेल्फ ड्राइव स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया। यह गाड़ी खांडा गांव निवासी साहिल के नाम पर थी। बताया जा रहा है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अब अपराधों के लिए किराये की गाड़ियों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे पहले भी शराब तस्करी के मामलों में ऐसी गाड़ियां पकड़ी जा चुकी हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मोहित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी शादी एक साल पहले हुई थी और पत्नी गर्भवती है। उसकी छोटी बहन की पहले ही शादी हो चुकी है। मोहित खेती-बाड़ी में पिता धर्मबीर की मदद करता था। अब पिता-पुत्र दोनों के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गोपालपुर और खरखौदा में शोक का माहौल है।
मोहित पर हुआ था जानलेवा हमला
नितिन सैनी हत्याकांड में आरोपी मोहित जेल गया था। जमानत पर छूटने के बाद 29 अक्तूबर 2024 को उस पर जानलेवा हमला हुआ। मोहित को गोली मारी गई थी जो उसकी कमर में लगी थी। इस हमले में मोहित बच गया था। उस मामले में खरखौदा के राहुल, सन्नी और गढ़ी सिसाना के अंकुश को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। राहुल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया, जिससे मोहित को लगा कि रंजिश खत्म हो गई है लेकिन शुक्रवार की वारदात ने फिर साबित कर दिया कि दुश्मनी अब भी जिंदा थी।