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किसान लौटे, फिर भी कुंडली बॉर्डर पार करना बना चुनौती

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एनएच-44 पर कुंडली के पास जाम में फंसे वाहन। संवाद - फोटो : Sonipat
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कुंडली-सिंघु बॉर्डर से किसानों की घर वापसी के बाद नेशनल हाईवे (एनएच)-44 पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया था। एनएच-44 पर 10 दिन पहले आवागमन शुरू होने के बाद भी चालकों को पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी है। बॉर्डर पर लग रहा लंबा जाम अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनने लगा है। फिलहाल बॉर्डर पर केवल तीन लेन ही खोली गई हैं, जिससे यहां से तीन से चार किलोमीटर तक वाहन चालक रेंगकर ही निकलने को मजबूर हैं। इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है।
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कुंडली-सिंघु बॉर्डर से 11 दिसंबर को किसानों की वापसी के बाद एनएच-44 पर रास्ता खोलने के लिए प्रशासन व एनएचएआई ने पहल करते हुए 15 दिसंबर को रास्ता खोल दिया था। निर्माण कार्यों पर एनजीटी की तरफ से प्रतिबंध लगा होने के कारण तब केवल गड्ढे भरने व सड़क को पत्थर व मिट्टी डालकर समतल करने का ही काम किया गया था। 15 दिसंबर को शाम के समय से छोटे वाहनों के लिए बॉर्डर पर तीन लेन खोल दी गई थीं। जिसके कारण ट्रैफिक बेहद धीमा है। हाईवे पर रोजाना 50 से 55 हजार वाहनों के गुजरने के कारण यहां लंबा जाम लगने लगा है। सुबह से लेकर देर रात तक वाहन चालक जाम में फंसे रहते हैं। वाहनों के घंटों जाम में फंसने से उनके धुएं के कारण प्रदूषण भी लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
कुंडली-सिंघु बॉर्डर से रास्ता खुलने के बाद भी राहत नहीं मिल सकी है। मैं परिवार के साथ गुरुग्राम से करनाल जा रहा हूं। सुबह दो घंटे से जाम में फंसा हूं। यह भी समझ नहीं आ रहा है कि जाम किस कारण से लगा है। एनएचएआई को लेकर इसे ठोस कदम उठाने चाहिए।
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- अमित, गुरुग्राम
कुंडली बॉर्डर पर पहले किसान बैठे थे, जिससे जाम लगता था। अब किसान वापस जा चुके हैं और उसके बावजूद जाम मुसीबत बना हुआ है। सड़क का तुरंत निर्माण कराया जाना चाहिए, जिससे वाहन चालकों को राहत मिल सके। मैं चंडीगढ़ कॉलेज में जाने के लिए निकला था, लेकिन अब समय पर कॉलेज पहुंच पाना नामुमकिन है।
- मनोज, रोहतक
कुंडली बॉर्डर खुलने के बाद हमारी परेशानी ज्यादा बढ़ चुकी है। अब जाम के साथ प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। हाईवे पर सुबह से लेकर देर रात तक जाम लगा रहता है, जिससे वाहनों का धुआं प्रदूषण बढ़ा रहा है। एनएचएआई को तुरंत पहल करनी चाहिए, जिससे सभी को राहत मिल सके।
- राजेश कुमार, प्रीतमपुरा
वर्जन
कुंडली-सिंघु बॉर्डर के दोनों तरफ मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके कारण फिलहाल तीन लेन ही खोली गई हैं। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग ही तय किए गए हैं। मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाएगी। काम पूरा होते ही सभी लेन खोल दी जाएंगी, जिसके बाद जाम की स्थिति से निपटा जा सकेगा।
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- आनंद दहिया, डीजीएम, एनएचएआई
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