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दिल्ली में परेड खत्म होने से पहले ही बैरिकेड तोड़ निकल गए किसान, 12 घंटे बाद लौटने शुरू हुए

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सोनीपत। किसानों की ट्रैक्टर परेड भले ही दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड के खत्म होने के बाद शुरू होनी थी। सिंघु बॉर्डर से किसानों ने नेताओं के परेड शुरू करने से पहले ही बैरिकेड तोड़कर ट्रैक्टरों को दिल्ली की तरफ दौड़ा दिया। इस तरह किसानों को ट्रैक्टर परेड के लिए दिए गए सुबह 12 बजे से करीब साढ़े तीन घंटा पहले परेड शुरू कर दी गई। किसान करीब 12 घंटे बाद वापस केएमपी-केजीपी गोल चक्कर पर पहुंचने शुरू जरूर हुए, लेकिन उस समय तक भी सिंघु बॉर्डर से किसानों का ट्रैक्टर लेकर जाना लगातार जारी थी। हालांकि दिल्ली में बवाल के बाद अधिकतर किसान बुराड़ी से ट्रैक्टर लेकर वापस आ गए और गणतंत्र दिवस की देर रात के बाद किसानों ने अपने घर लौटना शुरू कर दिया।
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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने का एलान किया था। इस ट्रैक्टर परेड के लिए सिंघु बॉर्डर से सोनीपत की ओर नेशनल हाईवे पर करीब 30 किमी लंबा जाम लगा था और वहां 60 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर लेकर किसान पहुंचे थे। इस तरह किसानों का हुजूम ट्रैक्टर परेड के लिए उमड़ा था। किसानों की ट्रैक्टर परेड के लिए रूट भी तय किए गए तो परेड शुरू करने का दोपहर 12 बजे का समय भी निर्धारित किया गया। किसानों को परेड के लिए यह समय इसलिए दिया गया था, जिससे दिल्ली में राजपथ पर होने वाली परेड खत्म होने के बाद ट्रैक्टर परेड निकाली जाए। लेकिन गणतंत्र दिवस की दिल्ली में परेड खत्म भी नहीं हुई थी कि करीब 8.30 बजे ही सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेड तोड़ने शुरू कर दिए। वहां ट्रैक्टरों से भारी पत्थर भी हटा दिए गए और किसान नेताओं के परेड शुरू करने से पहले ही ट्रैक्टरों को दिल्ली में दौड़ा दिया। पुलिस ने आगे पहुंचने पर उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सैंकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर अंदर घुस गए थे और ट्रैक्टरों का काफिला लगातार आगे बढ़ता गया। इस तरह सुबह करीब 8.30 बजे ही किसानों की ट्रैक्टर परेड शुरू हो गई और सिंघु बॉर्डर से मंगलवार देर शाम तक भी किसान अपने ट्रैक्टर लेकर परेड के लिए जाते रहे। जबकि ट्रैक्टर परेड को तय रूट पर पूरी करने के बाद कुछ किसान 12 घंटे बाद केएमपी से वापस कुंडली पहुंचने शुरू हुए। वहां से आधी रात के बाद गणतंत्र दिवस परेड के लिए आए किसान वापस अपने घरों को लौटने लगे।
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दिल्ली में बवाल के बाद बुराड़ी से वापस आने लगे ट्रैक्टर
सिंघु बॉर्डर से बैरिकेड तोड़कर किसान निर्धारित समय से पहले दिल्ली में ट्रैक्टर लेकर घुस गए और उनकी रूट बदलने को लेकर पुलिस संग झड़प भी हुई। जिसके बाद दिल्ली में कई अन्य जगह बवाल हो गया और उसकी सूचना सिंघु बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंची। उसके बावजूद भी किसानों का ट्रैक्टर लेकर परेड में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी रहा। यह जरूर हुआ कि लालकिला पर बवाल होने के बाद किसान परेड में शामिल होने के लिए जरूर निकले, लेकिन वह बुराड़ी से ट्रैक्टर को घुमाकर वापस सिंघु बॉर्डर पर पहुंच गए।
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