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सरकार से न्योता मिलने पर संयुक्त किसान मोर्चा बातचीत को तैयार

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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलनरत किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्र की सरकार अगर बातचीत का न्योता भेजती है तो वह भी सकारात्मक माहौल में बातचीत को तैयार हैं। लेकिन इसके लिए सरकार की नीयत साफ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर किसानों को डराने की जरूरत नहीं है।
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किसान संयुक्त मोर्चा के सदस्य डॉ. दर्शनपाल, योगेंद्र यादव, राकेश टिकैत और अभिमन्यु कोहाड ने कहा कि सरकार महज लोगों की संवेदना बटोरने के लिए बातचीत की सलाह दे रही है। सरकार अब कोरोना संक्रमण के नाम पर किसानों का धरना तोड़ना चाहती है, लेकिन किसान यह कभी नहीं होने देंगे। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म होते ही भाजपा नेताओं के दिल्ली आगमन के साथ कोरोना भी दिल्ली में आ जाएगा। सरकार को उनकी चिंता करने की बजाए नेताओं को चाहिए कि वह किसान के हित में समाधान निकाले। केवल बातों से किसान की समस्या का हल नहीं होगा। किसान नेताओं ने कहा कि संगठन लगातार कहता आया है कि अगर केंद्र सरकार बातचीत का न्योता देगी तो वह बातचीत के लिए जरूर जाएंगे। शर्त यह है कि केंद्र सरकार यह साफ करे कि उसकी बातचीत की मंशा है और वास्तव में वह समाधान करना चाहते हैं।
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