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किसान आंदोलन में हरियाणवी तड़का, पगड़ी में नजर आए किसान तो महिलाएं दामण पहन कर पहुंचीं

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कुंडली बॉर्डर स्थित धरने पर दामण पहन कर पहुंचीं महिलाएं व युवतियां। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग करते हुए डटे किसानों के समर्थन में हरियाणवी किसान भी सामने आ रहे हैं। किसान न केवल खानपान का सामान लेकर पहुंच रहे बल्कि हर तरीके से आंदोलन में अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। शुक्रवार को उस समय कुंडली बॉर्डर पर हरियाणवी रंग जम गया जब सोनीपत की दहिया खाप के किसान व महिलाएं हरियाणवी पहनावे में ट्रालियों में सवार होकर यहां पहुंचे। खाप के पुरुष सदस्य केसरी रंग की पगड़ी व औरतें दामण पहनकर नारेबाजी करते हुए कुंडली बॉर्डर पर आए। यही नहीं महिलाओं व युवतियों ने हरियाणवी गीतों से अलग ही छटा बिखेर दी। जिसमें यहां पहले से जमे किसान भी शामिल हो गए। दहिया खाप ने यहां लगातार लंगर चलाया है, जिसमें रोजाना अलग-अलग मेन्यू के हिसाब से लंगर बनाया जाता है। युवा किसानों ने पंजाब के किसानों के साथ लंगर की व्यवस्था संभाली है।
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इस दौरान दहिया खाप के पूर्व कार्यवाहक प्रधान विजेंद्र उर्फ ढिल्लू दहिया खाप के बैनर तले किसान आंदोलन में व्यापक समर्थन दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिस पर ट्रक यूनियन प्रधान दीपक दहिया व पूर्व जिला पार्षद चांद सिसाना की टीम बॉर्डर पर दहिया खाप के द्वारा चलाए जा रहे धरने पर प्रदेश के किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था कर रही है। जग्गी नंबरदार ने गांव सिसाना से ट्रैक्टर व ट्रालियों में महिलाओं और पुरुषों को धरनास्थल पर भेजने के लिए जागरूक किया। इस दौरान जग्गी नंबरदार, दहिया खाप के चौधरी सुरेंद्र बानिया, महिलाओं में बबीता, होशियारी, संतरा, अनीता और बीजो के नेतृत्व में किसान कुंडली बार्डर पर पहुंचे।
पंजाब से वाटरप्रूफ टेंट, गद्दे और रजाई पहुंचे, हरियाणा से दूध-लस्सी की सेवा
सर्दी के मौसम में किसान कुंडली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। इन किसानों की मदद के लिए रोजाना किसान पंजाब तक आवागमन कर रहे हैं। पंजाब से किसानों को ठंड से बचाने के लिए लगातार रजाई, गद्दे पहुंच रहे थे। शुक्रवार को वाटरप्रूफ टेंट भी पहुंचाए गए। इनमें किसान सर्दी से आसानी से बच सकता है। साथ ही यह सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर है। पंजाब का किसान एक हजार रजाई व गद्दे लेकर धरनास्थल पर पहुंचा। वहीं हरियाणा के अलग-अलग गांवों से लोग खाने-पीने का सामान लेकर पहुंच रहे हैं। यह लोग न केवल आवश्यक वस्तुएं यहां लेकर आ रहे हैं बल्कि किसानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। गांव सेवली से ग्रामीण पुष्कर ने बताया कि वह रोजाना 800-900 लीटर लस्सी, 500 लीटर दूध व आरओ का पानी ट्रालियों में लेकर पहुंचते हैं और किसानों में वितरित करते हैं। यही नहीं किसान यहां सेवा का जिम्मा भी खुद उठाते हैं और बुजुर्गों व महिलाओं की देखरेख में लगे रहते हैं।
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धरने पर दिख रहा सर्वधर्म का सामंजस्य
कुंडली बॉर्डर पर जमे किसानों को समर्थन देने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है। यहां ये लोग लंगर तैयार करने में हाथ बंटा रहे हैं। यहां मौजूद मोबिन, अरशद, फकरूद्दीन व नवाब सिद्दीकी ने बताया कि वह लंगर के समय सेवा में जुट जाते हैं तो बाकी समय में सभा में मौजूद रहते हैं। आसपास से क्षेत्रों से जरूरी सामान लेकर आने में भी वह सहयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि वह नमाज भी यहीं धरने के बीच सड़क पर बैठकर पढ़ते हैं और फिर सेवा में जुट जाते हैं। शुक्रवार को जूमे की नमाज उन्होंने सड़क पर ही अता की।
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