सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरनास्थल पर एक बुजुर्ग किसान ने सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। किसान धरना दे रहे किसानों की दुर्दशा से आहत है। उसने खुद ही मंच पर पहुंचकर जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी। जिस पर तुरंत उन्हें सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। सूचना के बाद कुंडली थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि किसान के बयान दर्ज किए गए हैं।
पंजाब के जिला तरनतारन के गांव पटलपाई से सोमवार तड़के ही आए किसान निरंजन (65) ने दोपहर को धरनास्थल पर सल्फास खा लिया। वह धरनास्थल से कुछ दूर निहंगों के पास बैठे थे। जहर खाने के बारे में उनके साथ बैठे साथी किसानों को भी पता नहीं लगा। इसके बाद वह स्वयं ही मंच पर पहुंचे और खुद के सल्फास खा लेने की जानकारी साथी किसानों को दी। इस पर उनके गांव के बलबीर, मुख्त्यार सिंह व अन्य किसानों ने उन्हें तुरंत वाहन में सामान्य अस्पताल सोनीपत में पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें पीजीआई रोहतक रेेफर कर दिया। इस दौरान निरंजन सिंह ने कहा कि उन्होंने किसानों की दुर्दशा देखकर कुर्बानी देने के लिए जहर खाया है। वह केंद्र सरकार के कृषि कानूनों से निराश है।
किसान के पास से पंजाबी भाषा में लिखा नोट मिला
ओम सतगुरु प्रसाद
शर्म आती है इस वतन को वतन कहते हुए। घर बैठे जब टीवी पर 3-4 महीनों से अपने बहन, भाई, बुजुर्ग और बच्चों को ठंड में गाड़ियों की पट्टियों और सड़कों पर बारिश और धुंध में बैठे देखता हूं तो दिल में एक आवाज आती है कि हम भी इस देश के वासी हैं जिनके साथ गुलामों से भी बढ़कर सरकार कर रही है। आज जब अपनी आंखों से देखा तो बर्दाश्त नहीं हुआ। हमारे नौंवें गुरु तेग बहादुर साहब ने भी जुल्म के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और अपनी कुर्बानी दी थी। मैं भी इस दुख को सहन नहीं कर पाया तो अपने प्राणों की कुर्बानी दे रहा हूं, ताकि गूंगी, बहरी, अंधी सरकार के कानों तक मेरी आवाज पहुंच सके।
गुरु घर और संगतों का दास जत्थेदार निरंजन सिंह
20 दिन रहकर गए थे वापस, अब वापस आकर उठाया कदम
सामान्य अस्पताल में पहुंचे निरंजन सिंह के साथी बलबीर सिंह ने बताया कि वह किसान संघर्ष समिति के सदस्य है। निरंजन सिंह उनके साथ ही आए हैं। वह लगातार 20 दिन तक आंदोलन स्थल पर रहने के बाद चार दिन पहले वापस गए थे। रात को फिर से दो गाड़ियों के साथ पंजाब से वापस आए। वह तड़के ही पहुंचे थे और दोपहर को उन्होंने यह कदम उठा लिया। वह सल्फास की गोली खाकर स्टेज पर गए और इसकी जानकारी दी थी।
पहले बाबा राम सिंह ने दी जान, अब निरंजन सिंह ने निगला जहर
निरंजन सिंह के जहर खाकर जान देने का प्रयास करने से पहले ही बाबा राम सिंह धरनास्थल पर अनुयायी की पिस्तौल से खुद को गोली मारकर जान चुके हैं। सिंघड़ा के नानकसर गुरुद्वारा के बाबा राम सिंह की आत्महत्या के मामले पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं कि निरंजन सिंह ने भी जान देने का प्रयास किया है।
वर्जन
किसान के जहर खाने की जानकारी मिली थी। जिस पर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने किसानों की दुर्दशा से आहत होकर जहर खाने की बात कही हैं। पुलिस जांच कर रही है।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।