किसानों आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार ने जो षड्यंत्र रचा था वह सबके सामने आ गया है। ऐसे में आंदोलन को और तेजी दी जाएगी। इस दौरान आंतिल बारहा के प्रधान जयभगवान ने कहा कि किसानों को षड्यंत्र रचकर हटाने का प्रयास किया है। अब हर गांव में जाकर आंतिल खाप लोगों का समर्थन लेगी। आसपास के गांवों से लोग आंदोलन का विरोध नहीं कर रहे है। कुछ लोग है तो आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। आंदोलन को समर्थन देने के लिए किसान कुंडली बॉर्डर की तरफ कूच कर चुके हैं।
दहिया खाप ने कहा किसान आंदोलन को नहीं पड़ने दिया जाएगा कमजोर
शुक्रवार को सिसाना में दहिया खाप के चबूतरे पर पंचायत आयोजित कर किसान आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया। किसानों ने कहा कि अफवाह फैलाई जा रही है कि धरना खत्म हो गया है लेकिन किसान अभी भी अपनी मांग को लेकर डटे हैं। किसान अब बढ़ चढ़ कर आंदोलन में हिस्सा लेंगे।
पूर्व सरपंच कृष्ण दहिया की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में किसानों ने फैसला लिया है कि दहिया खाप के गांवों से भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर सबसे पहले पिपली टोल पर एकत्रित होंगे। वहां से किसान केएमपी के पिपली टोल पर पहुंचे और उसे फ्री कराया जाएगा। कृष्ण दहिया ने कहा कि उनकी तरफ से शांतिपूर्ण तरीके से किसान आंदोलन में हिस्सा लिया जाएगा। किसी भी प्रकार की अफवाह से बचते हुए शांति को भंग करने वाले लोगों को भी आंदोलन से तुरंत बाहर कर दिया जाएगा। इस दौरान किसानों ने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिश सरकार द्वारा रची जा रही है।
आंतिल चौबीसी ने पंचायत कर निर्णय लिया है कि मुरथल टोल को फ्री कराया जाएगा। प्रधान हवा सिंह आंतिल ने कहा कि मुरथल टोल पर फिर से टोल लिए जाने की सूचना मिली है। जिसके बाद अब निर्णय लिया है कि टोल को फ्री कराया जाएगा। इसके लिए किसानों का जत्था भेजा जाएगा। बारहा प्रधान जयभगवान आंतिल ने कहा कि मुरथल के साथ ही केजीपी-केएमपी टोल फ्री कराने को लेकर भी खापों में बातचीत चल रही है। जल्द ही इन्हें फ्री कराने के लिए पहल की जाएगी।
सेवली गांव किसानों के समर्थन में उतरा
गांव सेवली में भी पंचायत कर किसानों के आंदोलन को पुरजोर समर्थन देने का निर्णय लिया गया। किसान नेता राजपाल सेवली ने कहा कि किसानों की मांग पूरी तरह से जायज है। सरकार को चाहिए कि वह षड्यंत्र रचकर आंदोलन को तोड़ने का प्रयास करने की बजाय किसानों की मांगों को पूरा करें। जिससे किसान यहां से खुशियां मनाते हुए पंजाब व हरियाणा के अन्य हिस्सों में लौट सके। महेंद्र दहिया ने कहा कि किसानों की मांग जायज है। उनको हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। अगर किसानों की मांग नहीं मानी जाती तो उन्हें शांतिपूर्ण आंदोलन करने का पूरा अधिकार है। उन्हें साजिश रचकर भगाने का प्रयास करना गलत है। जिसका विरोध होगा।