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किसानों व ग्रामीणों में खींचतान, संयुक्त मोर्चा की परेशानी बढ़ी तो माफी मांगनी पड़ी

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सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर पिछले चार महीने से कुंडली बॉर्डर पर बैठे किसानों व आसपास के ग्रामीणों के बीच टकराव के हालात को देखते हुए संयुक्त किसान मोर्चा की चिंता बढ़ गई है। भारत बंद के दौरान केएमपी पर ग्रामीणों के साथ मारपीट के बाद से तनाव बढ़ता जा रहा था। इसलिए ही संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों को नसीहत देते हुए ग्रामीणों से किसी भी तरह की परेशानी के लिए माफी मांगी है। इसके साथ ही किसी तरह का टकराव नहीं हो, उसके लिए कमेटी बनाई गई है और उनके मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं।
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किसानों ने पिछले चार महीने से कुंडली बॉर्डर पर डेरा डाला हुआ है और नेशनल हाईवे के साथ ही आसपास के गांवों के संपर्क मार्ग पर किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी हुई हैं। ग्रामीणों का दिल्ली व अन्य जगहों पर जाने का रास्ता भी बंद है और उनको अन्य रास्तों से सोनीपत व दिल्ली जाना पड़ता है। इस तरह नेशनल हाईवे के दोनाें तरफ के हजारों दुकानदार, रेहड़ी लगाने वालों के लिए परेशानी है तो दुकान व मॉल भी बंद है। वहीं करीब 20 गांव व 15 कालोनियों के लोग भी परेशानी झेल रहे हैं। इसके बावजूद भारत बंद के दौरान केएमपी पर प्रीतमपुरा के ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई और उससे वह घायल हो गए थे। इस तरह से टकराव के हालात को देखते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने खुद कमान संभाली है और टकराव दूर करने की कवायद शुरू कर दी है। किसान मोर्चा ने पंफलेट जारी करने के साथ ही सोशल मीडिया पर संदेश के सहारे किसानों को नसीहत दी है कि वह आसपास के लोगों की परेशानी का कारण नहीं बनें। क्योंकि आसपास के गांवों के लोगों का आंदोलन में काफी सहयोग पहले भी रहा है और इस तरह ही आगे भी उनका सहयोग मिलता रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसी तरह की परेशानी होने पर ग्रामीणों से माफी भी मांगी है और उनको आगे किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने के लिए आश्वासन भी दिया है।
किसानों के साथ आसपास के ग्रामीणों की कमेटी बनाई
संयुक्त किसान मोर्चा ने स्थिति पर नजर रखने और दोनों पक्षों के संपर्क में रहने के लिए पंजाब व हरियाणा के 3-3 किसान नेताओं की कमेटी बनाई है। मोर्चा ने ग्रामीणों की भी 3 सदस्यीय कमेटी का गठन कर उसके सदस्यों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं। मोर्चा ने कमेटियों को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने व किसी भी विवाद पर दोनों पक्षों में सामंजस्य कायम करने का जिम्मा दिया है। पंजाब के लाठी गुमाण, गुरमीत मेहमां, परमजीत सिंह को शामिल किया गया है तो हरियाणा से तेजबीर सिंह, राकेश बैंस व सुरेश कोथ को शामिल किया गया है। इसके अलावा ग्रामीणों की कमेटी में रमेश, उमेश गुलिया, धीरज व दीप खत्री को रखा गया है।
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