सोनीपत/नरेला। सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों पर दिल्ली पुलिस के एएसआई ने मारपीट का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि पानीपत की तरफ से आ रहे जत्थे के फोटो खींचने पर उसे व उसके साथी एएसआई से मारपीट की गई है। मामले का पता लगने पर नरेला थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर दोनों को किसानों से छुड़वाया। पुलिस ने घायल एएसआई के बयान पर एक महिला समेत कई किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच में नियुक्त एएसआई रमेश ने नरेला थाना पुलिस को बताया कि उनकी ड्यूटी किसान आंदोलन में लगी है। वह कुंडली-नरेला रोड पर नियुक्त रहते हैं। वह अपने साथी एएसआई चंद्र सिंह के साथ ड्यूटी पर थे। इस बीच किसानों का एक जत्था पानीपत की तरफ से आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहा था। वह किसानों के जत्थे की फोटो ले रहे थे। इस बीच एक महिला उनके पास आई और फोटो लेने से मना किया। महिला ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया। उनमें एक शमीम चौधरी नाम का युवक भी था। एएसआई रमेश का आरोप है कि सभी ने मिलकर दोनों की पिटाई की और पंडेर के कैंप में ले गए। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी और कहा कि आप सरकार के जासूस हैं। उन्होंने किसानों को दिल्ली पुलिस का पहचान पत्र भी दिखाया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद किसी तरह से घटना की सूचना नरेला थाना प्रभारी को मिली। एसएचओ नरेला मौके पर पहुंचे और उन्हें किसानों के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने घायल दोनों पुलिस कर्मियों का पुठ के अस्पताल में उपचार कराया। जिसमें चोट की पुष्टि हुई। नरेला थाना पुलिस ने महिला समेत अन्य किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की पहचान का प्रयास कर रही है।