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कुंडली धरनास्थल पर पंजाब से पहुंची 125 एंबुलेंस

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कुंडली धरनास्थल पर पंजाब से पहुंची एम्बुलेंस। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में लंबे समय से डटे किसान बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कुंडली बार्डर धरने पर भी अब तक 18 किसानों की मौत हो चुकी हैं। किसानों की तबीयत बिगड़ने पर किसानों को एंबुलेंस बुलवानी पड़ रही थी, जिसमें समय ज्यादा लग रहा था। जिससे बीमार को समय पर उपचार मिलने में दिक्कत होती थी। इस पर किसान मोर्चा की मांग पर पंजाब से समाजसेवी संस्थाओं ने 125 एंबुलेंस धरनास्थल पर भेज दी हैं। जिससे समय पर उपचार मिल सकेगा।
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कृषि कानूनों को लेकर अलग-अलग तरीके से विरोध कर रहे किसान 27 नवंबर 2020 को दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच गए थे और यहीं पर डटे हैं। जिसके बाद से यहां बाबा रामसिंह समेत दो किसान आत्महत्या कर चुके हैं जबकि 16 अन्य बीमारी, ठंड या हार्ट अटैक से अपनी जान गवां चुके हैं। करीब 100 किसान बीमारी के चलते आसपास के अस्पतालों में भर्ती है। करीब एक माह पहले कुंडली बार्डर पर शुरू हुए 10 बेड के अस्पताल में बीमार किसानों का इलाज शुरू किया गया लेकिन पिछले दिनों कंपकंपाती सर्दी के बीच बीमार किसानों की संख्या अचानक बढ़ गई। रोजाना करीब 400 किसान बीमार होने लगे। हालांकि बीमारों की संख्या में भले ही कमी आई है, लेकिन बुजुर्ग किसानों के लिए अभी भी समस्या बरकरार है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए सोनीपत, रोहतक व आसपास के बड़े अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इसके लिए रोजाना एम्बुलेंस बुलानी पड़ती थी। 10 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब के समाजसेवियों से एंबुलेंस की मांग की थी। इस पर पंजाब की न्यू बाबा फतेह सिंह एंबुलेंस सोसायटी समेत कई सामाजिक संस्थाओं ने करीब 125 एंबुलेंस कुंडली धरनास्थल पर भिजवाई हैं। इन एंबुलेंस में जीवनरक्षक उपकरण भी हैं। इन एंबुलेंस को धरना स्थल पर अलग-अलग स्थानों पर खड़ा किया जाएगा। जिसे तुरंत मदद के लिए पहुंच सके।
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