फोटो 08: सोनीपत के खरखौदा स्थित कार्यालय में पावर ग्रिड की लाइन को लेकर कंपनी के अधिकारी व किसा
खरखौदा। क्षेत्र से होकर गुजरने वाली पावर ग्रिड की लाइन को लेकर पांच गांवों के किसानों ने सोमवार को उपमंडल कार्यालय में एसडीएम के समक्ष अपनी आपत्ति रखते हुए उनके समाधान की मांग की। एसडीएम ने प्रत्येक गांव के पांच-पांच सदस्यों को शामिल करते हुए कमेटी बनाकर समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
राजस्थान के सीकर से दिल्ली के नरेला तक पावर ग्रिड की लाइन बिछाई जा रही है। इसके तहत क्षेत्र के पांच गांव सोहटी, पाई, किडौली, पहलादपुर व निजामपुर खुर्द आते हैं। उन गांवों के किसानों ने उनके खेतों से गुजरने वाली बिजली लाइन को लेकर आपत्ति जताई है।
सोमवार को फिर से एसडीएम डाॅ. निर्मल नागर की अगुवाई में कंपनी के अधिकारी व किसानों के बीच वार्ता करवाई गई। किसानों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके खेतों के बीच से लाइन गुजारी जा रही है जबकि वह चाहते हैं कि खंभों को खेत के किनारे लगाया जाए।
इसके साथ ही रिहायशी क्षेत्र से भी बिजली लाइन को दूर रखा जाए। किसानों ने कहा कि उन्होंने सुना था कि पहले यह लाइन कुतुबगढ़ के रास्ते दिल्ली में प्रवेश करने वाली थी। ऐसा होता तो उनके गांवों तक यह लाइन आती ही नहीं।
उनका कहना है कि अब अगर लाइन उनके खेतों से गुजारी जा रही है तो फिर उनका भी न केवल पक्ष सुना जाए बल्कि उस पर गंभीरता से विचार किया जाए। ऐसे में एसडीएम ने प्रत्येक गांव से पांच-पांच लोगों की कमेटी बनाकर रेट निर्धारण कराने व मौके का सर्वे कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला परिषद की अध्यक्ष मोनिका दहिया व राजबीर दहिया भी मौजूद रहे।