सोनीपत। जिले के 17 गांवों के किसानों का सब्र मंगलवार को आखिर टूट गया। खेतों से गुजर रही एचटी लाइन के लिए नई मुआवजा पॉलिसी लागू करने की मांग का समाधान न निकलने से नाराज किसान सीधे जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम में ही धरना शुरू कर दिया।
किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं वह कार्यालय से नहीं हटेंगे। उपायुक्त से मिलने के बाद किसान वहां से बाहर आए। बुधवार को किसानों की मांग को लेकर बातचीत होगी। उपायुक्त सुशील सारवान ने किसानों को पावरग्रिड अधिकारियों के साथ बैठक के लिए बुलाया था।
किसानों का कहना है कि उन्होंने मार्केट रेट कमेटी (एमआरसी) से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज दोबारा प्रस्तुत किए मगर प्रशासन ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। उनका आरोप है कि वह एक महीने से लगातार प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। मुख्यमंत्री खुद नई पॉलिसी के तहत मुआवजा देने के आदेश जारी कर चुके हैं।
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने कहा कि 11 सितंबर को डीसी ने एक सप्ताह में मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद आज तक एमआरसी का गठन नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि किसानों का भरोसा जिला प्रशासन से उठ चुका है। अब मुख्यमंत्री को सीधे हस्तक्षेप कर उच्चस्तरीय निगरानी में प्रक्रिया पूरी करवानी चाहिए।
किसानों की चेतावनी-मुआवजा मिलने तक नहीं हटेंगे पीछे
दहिया चौबीसी के प्रधान उमेश दहिया ने कहा कि किसानों का सब्र अब जवाब दे चुका है। जब तक नई मुआवजा पॉलिसी लागू कर वास्तविक दरों पर मुआवजा नहीं मिलता किसान पीछे हटने वाले नहीं है। उपायुक्त ने बुधवार को बुलाया है जिसमें एमआरसी का गठन किया जाएगा।
किसानों के साथ विस्तृत बातचीत की गई है। उनकी मांगों पर गंभीरता से काम हो रहा है। किसानों से समय मांगा है ताकि प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। -सुशील सारवान, उपायुक्त, सोनीपत।