गोहाना। गांव आहुलाना स्थित चौ. सहकारी चीनी मिल में किसानों ने बुधवार को भाकियू के बैनर तले प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि मिल प्रशासन द्वारा उन्हें गन्ने को साफ करके लाने के लिए परेशान किया जा रहा है। इसको लेकर भाकियू नेताओं ने चीनी मिल के प्रबंधक निदेशक (एमडी) के नाम उनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकियू के जिलाध्यक्ष अशोक लठवाल ने कहा कि किसान मजदूरों से गन्ने की छिलाई करवाने के बाद साफ-सुथरा गन्ना चीनी मिल में लेकर आते हैं। किसानों को गन्ना छिलाई के लिए मजदूरों को 45 से 50 रुपये प्रति क्विंटल मजदूरी देनी पड़ती है। इसके बाद भी गन्ने की सफाई के नाम पर चीनी मिल कर्मियों द्वारा किसानों को परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर चीनी मिल प्रशासन को लगता है कि किसान साफ-सुथरा गन्ना लेकर नहीं आते हैं तो वह गन्ना छिलाई की मजदूरी चीनी मिल को दे देंगे, मिल कर्मी खुद अपनी मर्जी से मजदूरों से गन्ने की छिलाई करवा लें।
किसानों ने मिल के एमडी से मांग की कि मिल प्रशासन द्वारा किसानों को परेशान न किया जाए। इसके अलावा किसानों ने गन्ने की फसल में उपयोग की जानी वाली दवाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों ने गन्ने की फसल में उपयोग की जाने वाली दवाएं चीनी मिल से ली थी। उनका आरोप है कि मिल द्वारा किसानों को निम्न गुणवत्ता की दवाएं मुहैया करवाई गई, जिससे उनको नुकसान उठाना पड़ा। इस दौरान कृष्ण मलिक, संजय, सोनू, संदीप, जसमेर, जितेंद्र, बिजेंद्र, कृष्ण, दिनेश, पवन, प्रदीप आदि मौजूद रहे।