सोनीपत। कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर की तरफ से जल संरक्षण की मुहिम को बढ़ावा देने के लिए किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि 25 मई से 10 जून तक इसका समय उपयुक्त होता है।
पारंपरिक रोपाई पद्धति में पहले नर्सरी तैयार कर उसमें पौध तैयार की जाती है। बाद में उसकी खेत में रोपाई की जाती है। इसमें पानी की ज्यादा आवश्यकता होती है। सीधी बिजाई से पानी की बचत होती है, इसलिए विभाग इस विधि को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
सीधी बिजाई करने पर सरकार की ओर से प्रति एकड़ चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। विभाग के अधिकारियों व कृषि वैज्ञानिकों की तरफ से किसानों को खरपतवार नियंत्रण समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
कृषि विभाग ने गत वर्ष 20 हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा था, मगर भौतिक सत्यापन के दौरान 4,556 एकड़ में सीधी बिजाई मिली थी। इस वर्ष अभी तक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है।