प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 सितंबर को राई में दौरे को लेकर रविवार को भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेद्रं दहिया के नेतृत्व में गांव बढख़ालसा में पंचायत का आयोजन हुआ। इसमें किसानों ने निर्णय लिया कि प्रधानमंत्री अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं करते हैं तो प्रधानमंत्री का राई में आने पर विरोध किया जाएगा।
किसान नेता वीरेंद्र दहिया ने कहा कि बढ़खालसा गांव में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसान पिछले पांच साल से धरने पर बैठे हैं और जमीन अधिग्रहण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। बढ़खालसा गांव की जमीन का अधिग्रहण राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के लिए किया गया था, जिसके बाद से ही किसान धरने पर बैठे हैं।
किसानों ने पंचायत कर फैसला लिया है कि चुनाव से पहले भाजपा नेताओं ने किसानों की जमीन को छोड़ने का वायदा किया था। इसलिए अगर 18 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी मांगों को नहीं मानते हैं तो किसान प्रधानमंत्री के आने का विरोध करेंगे।