नागरिक अस्पताल में शवगृह के पास घूमता चूहा। संवाद
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नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में बैंयापुर के किसान का शव चूहों के कुतरने के मामले में तीन चिकित्सकों की कमेटी ने सोमवार को पीएमओ को जांच रिपोर्ट सौंप दी। जिसमें ड्यूटी के दौरान दो आउटसोर्स कर्मियों के लापरवाही बरतने की बात सामने आई और उनको तुरंत हटा दिया गया। इसके साथ ही लापरवाही बरतने पर दो चिकित्सकों को नोटिस जारी किया है और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के डीजी को पत्र लिखा गया है।
गांव बैंयापुर निवासी राजेंद्र सरोहा की 17 फरवरी की देर रात कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। जिस पर उन्हें नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इमरजेंसी वार्ड से गत बुधवार रात को कोई भी चिकित्सक किसान के शव को पोस्टमार्टम हाउस में नहीं रखवाने गए। ऐसे में किसान के परिजन उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के सहारे फ्रीजर के अंदर रखवाकर चले गए थे। वहां वीरवार सुबह जब परिजन अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे तो उन्हें पता लगा कि राजेंद्र के शव को आंख व पैर के पास से चूहों ने कुतर दिया है। इस तरह से शव की बेकद्री होने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया था। जिसके बाद सीएमओ डॉ. जेएस पूनिया व पीएमओ डॉ. जयभगवान जाटान ने उनको किसी तरह शांत कराया था और इस मामले में जांच के लिए कमेटी बनाई थी। उस कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है, जिसमें कर्मियों की लापरवाही सामने आई है।
ओसाका सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने फ्रीजर को सही से बंद नहीं किया और उसमें चूहा घुस गया। पीएमओ ने बताया कि अस्पताल में बुधवार को ही पोस्टमार्टम हाउस की खिड़कियों पर टूटे शीशे बदलने का काम शिवालिक हाउस कीपिंग प्राइवेट लिमिटेड के कारपेंटर को दिया गया था। उसने बुधवार शाम को झूठ बोलकर काम पूरा होने की बात कही। वीरवार सुबह आकर उसने खिड़कियों पर टूटे शीशे बदलने का काम पूरा किया। अगर वह अपना काम बुधवार को पूरा करता तो किसान का शव चूहों के कतरने की नौबत नहीं आती।
किसान का शव चूहों के कुतरने के मामले में तीन चिकित्सकों की टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के बाद ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले दो आउटसोर्स कर्मियों को हटा दिया गया है। साथ ही बुधवार रात को इमरजेंसी वार्ड में तैनात दो चिकित्सकों को नोटिस जारी कर दिया गया और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए विभाग के डीजी को पत्र लिख दिया है।
डॉ. जयभगवान जाटान, पीएमओ नागरिक अस्पताल।