किसान आंदोलन के मंच पर मौजूद किसान नेता।
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दिल्ली में हुई हिंसा का पूरे देश में विरोध हो रहा है। किसान संगठन इस मामले में बैकफुट पर हैं। सोनीपत में सिंघु बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को मुख्य मंच से इस हिंसा के लिए माफी मांगी। चढूनी ने कहा कि दिल्ली की हिंसक घटनाओं के लिए किसान संगठन माफी मांगते हैं।
उन्होंने कहा कि एक झंडा चढ़ाने की वजह से हम देश मे विरोध का सामना कर रहे हैं। कुछ लोगों की वजह से हमारा आंदोलन बदनामी झेल रहा है। एक रणनीति की वजह से सब हो रहा है। उन्होंने हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि हमने पहले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को चेता दिया था कि शरारती तत्व हिंसा कर सकते हैं। दीप सिद्धू जैसे लोगों ने आंदोलन को खराब करने का काम किया। किसान देश के वफादार थे है और रहेंगे। हरियाणा सरकार अब हमें बदनाम करना चाह रही है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी शान है। हम तिरंगे के लिए अपना सिर भी दे सकते हैं।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कल हुई घटना पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया। हरियाणा और केंद्र सरकार छोटे छोटे मुद्दों पर किसान संगठनों और पंजाब व हरियाणा के किसानों में फूट डालने का काम कर रही है। किसान नेता बलदेव सिरसा ने कहा कि आंदोलन को आगे भी मजबूत बनाना है तो इस तरह की घटनाएं नहीं हो, इसलिए हमें सतर्क रहना होगा।