गोहाना। रुखी खरीद केंद्र पर सुविधाओं का अभाव है। किसान अपनी फसलों को सड़क किनारे डालने के लिए मजबूर हैं, जबकि गांव रूखी के खरीद केंद्र पर आसपास के करीब 10 गांवों किसान गेंहू की फसल लाते हैं। फिलहाल करीब एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की फसल सड़कों पर पड़ी है। अब तक सिर्फ 11 हजार 450 क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है। ऐसे में किसानों व आढ़तियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
गोहाना अनाज मंडी में गेंहू की फसल का उठान धीमा चल रहा है। अनाज मंडी व खरीद केंद्रों में गेहूं की ढेरियां लगी हैं। स्थिति यह है कि गोहाना अनाज मंडी के गेट के बाहर तक गेहूं के ढेर लग गए हैं। वहीं खरीद केंद्रों पर भी फसल उतारने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में किसान व आढ़ती परेशान हैं। हालांकि टेंडर पास होने के बाद उठान में तेजी लाने की बात कही जा रही है, लेकिन मंडी में गेहूं की ढेरियां लगने से किसानों को फसल उतारने की जगह भी नहीं मिल पा रही है।
बारिश की वजह से जहां किसान की गेहूं की फसल खेतों में खराब हुई है, वहीं मंडी में भी कई ढेरियों में नमी पहुंचने से फसल खराब होने के कगार पर है। हालांकि अनाज मंडी में बारिश के दौरान गेहूं की ढेरियों पर तिरपाल ढके गए थे, लेकिन फसल में नमी आने के कारण गेहूं खराब होने लगा है, जिसका आढ़तियों व किसानों को नुकसान सहन करना पड़ेगा।
वर्जन
नई अनाज मंडी व खरीद केंद्रों पर फसल के रखरखाव की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। रूखी खरीद केंद्र में सुविधा बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों से मांग की गई है।
- दीपक लोहचब, सचिव, मार्केट कमेटी, गोहाना